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Lokkhi Puja 2022 : शरद पूर्णिमा पर बांग्ला समाज के लोग मनाते हैं लखी पूजा, जानिए क्या है इसका महत्व

Sun, 09 Oct 2022 12:12 PM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Sun, 09 Oct 2022 12:12 PM IST
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Lokkhi Puja 2022 Date Time Shubh Muhurt Puja Vidhi Know Sharad Purnima Lakshmi Puja Importance
बंगाली समुदाय के लोग मनाते हैं लखी पूजा - फोटो : iStock

Lokkhi Puja 2022 Date Time Shubh Muhurt Puja Vidhi: आज शरद पूर्णिमा का पावन पर्व है। शरद पूर्णिमा के दिन विशेष रूप से मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। वहीं बंगाली समुदाय के लोग आज का दिन कोजागरी लखी पूजा के नाम से मनाते हैं। शरद पूर्णिमा के दिन बंगाली समाज के लोग मंडप में मां की प्रतिमा स्थापित करते हैं और घर में विशेष पूजा की जाती है। कहा जाता है कि आज की रात मां लक्ष्मी पृथ्वी लोक पर विचरण करती हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाओं को पूरा करती हैं। इस दिन पूजा करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती। ऐसे में चलिए जानते हैं लखी पूजा के बारे में खास और जरूरी बातें...

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पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। इस तिथि को देश के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। इसे कौमुदी उत्सव, कुमार उत्सव, शरदोत्सव, रास पूर्णिमा, कोजागरी पूर्णिमा और कमला पूर्णिमा भी कहते हैं।
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बंगाली समुदाय के लोग मनाते हैं लखी पूजा
शरद पूर्णिमा के दिन बंगाली समाज के लोग विधि-विधान से मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं, जिसे लखी पूजा भी कहा जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी के साथ-साथ नारायण की भी पूजा की जाती है। बंगाली समुदाय के लोग लखी पूजा को पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं। घरों में पकवान बनाए जाते हैं। मंदिरों में विशेष पूजा की जाती है।  

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क्या है मान्यता?
मान्यता है कि इस रात चंद्रमा कि किरणों से अमृत बरसता है, इसलिए खीर बनाते हैं और शाम को छत पर या खुले में खीर रखकर अगले दिन सुबह उसका सेवन करते हैं। कहा जाता है कि रातभर इसे चांदनी में रखने से इसकी तासीर बदलती है और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।

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