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गणेश विसर्जन 2018: क्यों करते हैं गणपति विसर्जन? जानिए पौराणिक महत्व और शुभ मुहूर्त

Sun, 23 Sep 2018 12:07 PM IST
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 23 Sep 2018 12:07 PM IST
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ganapati visarjan 2018 know visarjan timing and importance
गणपित विसर्जन क्यों

आज अनन्त चतुर्दशी है और इसी दिन पिछले 10 दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव का पर्व गणपति विसर्जन के साथ ही समाप्त हो जाएगा। अपने भक्तों के घरों में 10 दिनों से बिराजे भगवान गणेश की मूर्तियों का विसर्जन आज हो रहा है। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्यों किया जाता है विसर्जन। आइए जानते है इसके पीछे कौन सी धार्मिक मान्यताएं हैं।

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विसर्जन क्यों
10 दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव के बाद गणेशजी की प्रतिमा का विसर्जन के पीछे पुराणों में कारण बताया गया है। महर्षि वेदव्यास ने गणेश चतुर्थी के दिन से भगवान गणेश को महाभारत की कथा सुनाना आरम्भ किया था। लगातार दस दिनों तक वेदव्यास आंखे बंद कर भगवान गणेश को कथा सुनाते रहे और गणेशजी उसे बिना आराम किए उसे लगातार लिखते रहे।
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दस दिनों के बाद जब महाभारत की कथा पूरी हुई तो वेदव्यास जी ने आंखे खोली तो देखा कि लगातार लिखते हुए गणेशजी के शरीर का तापमान तेज हो गया था, तब गणेशजी के तापमान को कम करने के लिए वेदव्यास ने तालाब में गणेश जी को स्नान कराया हैं। जिसके बाद  ही उनके शरीर का तापमान सामान्य हो पाया। जिस दिन उन्होंने गणेश जी को स्नान कराया गया था उस दिन अनंत चर्तुदशी थी इसलिए इस दिन से गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया जाना लगा।
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गणपति विसर्जन का शुभ समय
इस बार गणेश विसर्जन का समय सुबह 8 बजे से ही शुरू हो जाएगा। गणेश विसर्जन 23 सितंबर को सुबह 8 बजे से शुरू होकर 12 बजकर 30 मिनट तक चलेगा। इसके बाद दोपहर को 2 बजे से साढ़े 3 बजे तक चलेगा। फिर शाम को 6 बजकर 30 मिनट से फिर गणपति का विसर्जन शुरू होगा जो रात के 11 बजे तक चलेगा। अगर आप घर पर ही गणेश जी का विसर्जन करना चाहते है तो एक गमले में पानी भरकर उसमें गणेश जी को विसर्जित करें और उसके बाद उसमें मिट्टी डालकर पौधा लगा दें, लेकिन उस गमले मे कभी तुलसी का पौधा न लगाएं क्योंकि तुलसी भगवान गणेश जी नहीं चढ़ाई जाती है।

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