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Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Gaj Laxmi vrat 2020 know muhurat vrat vidhi and significance

Gaj Laxmi vrat 2020: गज लक्ष्मी व्रत से होती धन-वैभव में वृद्धि, जानें पूजा मुहूर्त, व्रत विधि

Tue, 08 Sep 2020 07:15 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: रुस्तम राणा Updated Tue, 08 Sep 2020 07:15 AM IST
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Gaj Laxmi vrat 2020 know muhurat vrat vidhi and significance
गजलक्ष्मी व्रत 2020 - फोटो : सोशल मीडिया
Gaj Laxmi vrat 2020: गजलक्ष्मी व्रत 10 सितंबर को पड़ रहा है। श्राद्ध पक्ष में पड़ने वाले इस व्रत का धार्मिक रूप से बड़ा महत्व माना जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार यह व्रत हर साल भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि से प्रारंभ होता है और 16 दिनों तक रखा जाता है। मान्यता है कि गज लक्ष्मी के दिन सोना खरीदना शुभ होता है। इस दिन विधि पूर्वक व्रत रखने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती है और धन संपदा में वृद्धि करती हैं।
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पूजा शुभ मुहूर्त: प्रातः 11:54 बजे से दोपहर 12:43 बजे तक (10 सितंबर 2020) 

कौन हैं मां गज लक्ष्मी
गजलक्ष्मी यह लक्ष्मी का चार भुजाधारी स्वरूप है। नाम के मुताबिक ही यह गज यानी हाथी पर आठ कमल की पत्तियों के समान आकार वाले सिंहासन विराजित होती है। इनके दोनों ओर भी हाथी खड़े होते हैं। चार हाथों में कमल का फूल, अमृत कलश, बेल और शंख होता हैं। इनकी उपासना संपत्ति और संतान देने वाली मानी गई है।
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गज को वर्षा करने वाले मेघों तथा उर्वरता का भी प्रतीक माना जाता है। गज की सवारी करने के कारण यह उर्वरता तथा समृद्धि की देवी भी हैं। गज लक्ष्मी देवी को राजलक्ष्मी के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इन्हीं की कृपा से राजाओं को धन वैभव और समृद्घि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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गज लक्ष्मी व्रत पूजन विधि
इस दिन पूजा स्थल पर हल्दी से कमल बनाकर उस पर माता लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें और मूर्ति के सामने श्रीयंत्र, सोने-चांदी के सिक्के और फल फूल रखें। इसके बाद माता लक्ष्मी के आठ रूपों की मंत्रों के साथ कुंकुम, चावल और फूल चढ़ाते हुए पूजा करें। महालक्ष्मी व्रत में मां लक्ष्मी के हाथी पर बैठी हुई मूर्ति को लाल कपड़ा के साथ विधि-विधान के साथ इनकी स्थापना करें और पूजा कर ध्यान लगाएं। 

महालक्ष्मी व्रत के दिन श्रीयंत्र या महालक्ष्मी यंत्र को मां लक्ष्मी के सामने स्थापित करें और इसकी पूजा करें। यह चमत्कारी यंत्र धन वृद्धि के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है। इस यंत्र की पूजा से परेशानियां और दरिद्रता दूर होती है। महालक्ष्मी व्रत में दक्षिणावर्ती शंख में गंगाजल और दूध डालकर देवी लक्ष्मी की मूर्ति से अभिषेक करना चाहिए इससे मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। 


माता लक्ष्मी को कमल का फूल बहुत पसंद होता है इसलिए लक्ष्मीजी की पूजा में यह फूल अवश्य चढ़ाना चाहिए। महालक्ष्मी व्रत पर कमल गट्टे को माला को माता लक्ष्मी को चढ़ाएं। साथ ही पूजा में कौड़ी अर्पित करें। पूजा के बाद इन दोनों चीजों को अपने तिजोरी या लॉकर में रखें।
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