फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Young farmer prem thakur inspiring story kullu himachal pradesh

मिसाल: 12वीं की पढ़ाई के बाद लिया खेती करने का फैसला, अब कमा रहे लाखों

Wed, 27 Apr 2022 12:38 PM IST
अरविन्द ठाकुर हरिकृष्ण शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, आनी (कुल्लू)
हरिकृष्ण शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, आनी (कुल्लू) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 27 Apr 2022 12:38 PM IST
सार

प्रेम ठाकुर ने बीते वर्ष मटर का 42 किलो बीज बोया था। बेहतर खेती के लिए मशहूर प्रेम ठाकुर ने बिना सिंचाई किए 42 किलो मटर से इतनी पैदावार की कि साढ़े तीन लाख का मटर हाथों हाथ बिक गया।

विज्ञापन
Young farmer prem thakur inspiring story kullu himachal pradesh
युवा किसान प्रेम ठाकुर - फोटो : संवाद

विस्तार

आनी क्षेत्र के युवा किसान प्रेम ठाकुर आर्गेनिक खेती कर दूसरों के लिए प्रेरणा बन गए हैं। 12वीं की पढ़ाई करने के बाद इन्होंने सब्जियों की खेती करने का फैसला लिया। अपनी मेहनत के दम पर प्रेम राष्ट्रीय स्तर पर नाम चमका चुके हैं।  विभाग की ओर से उन्हें बेस्ट फार्मर ऑफ हिमाचल का पुरस्कार साल 2017 में शिमला में मिला। जबकि दूसरा नेशनल अवार्ड प्रेम को 2019 में मेरठ में मिला है। 

विज्ञापन


आनी खंड की कराड पंचायत के पटारना निवासी प्रेम ठाकुर पिछले 21 वर्षों से सब्जी उगा रहे हैं। शिमला मंडी में प्रेम के मटर की पहचान उनके गांव पटारना मटर से ही प्रसिद्ध है। प्रेम ठाकुर ने बीते वर्ष मटर का 42 किलो बीज बोया था। बेहतर खेती के लिए मशहूर प्रेम ठाकुर ने बिना सिंचाई किए 42 किलो मटर से इतनी पैदावार की कि साढ़े तीन लाख का मटर हाथों हाथ बिक गया। प्रेम ठाकुर का कहना है कि वह सब्जियों में आलू, मटर के अलावा गोभी और फ्रासबीन की भी खेती कर रहे हैं। वह आर्गेनिक खादें और स्प्रे का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। 
विज्ञापन


प्रेम 100 फीसदी आर्गेनिक खेती करते हैं। उन्होंने कहा कि पूरा समय खेती के लिए देते हैं। यदि किसान उपयुक्त समय में खेती के लिए सही प्रबंधन करते हैं और समय के अनुसार खाद, स्प्रे का इस्तेमाल करते हैं तो बेहतर परिणाम ला सकते हैं। प्रेम ठाकुर क्षेत्र के किसानों को भी जागरूक कर रहे हैं। वह कई जागरूकता शिविर लगा चुके हैं। प्रेम ठाकुर क्षेत्र के दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed