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कृषि वैज्ञानिकों की चेतावनी: भारी बारिश से गेहूं की फसल पर पीला रतुआ रोग का संकट, करें ये उपाय
Sat, 05 Feb 2022 01:16 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 05 Feb 2022 01:16 PM IST
सार
कृषि वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि गेहूं की फसल अगर पीली होती दिखे तो किसान समय रहते ही सचेत हो जाएं। अगर थोड़ी भी लापरवाही की तो गेहूं की फसल को पीला रतुआ बर्बाद कर सकता है।
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बर्फबारी कांगड़ा घाटी व खेतों में गेहूं की फसल।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश भर के विभिन्न भागों में भारी बारिश और बर्फबारी के कारण किसानों और बागवानों की थोड़ी लापरवाही से बागवानी और कृषि फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। जिन इलाकों में इन दिनों भारी बारिश हो रही है और वहां किसानों के खेतों में गेहूं की फसल पर पीले रतुआ का संकट मंडराने लगा है। कृषि वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि गेहूं की फसल अगर पीली होती दिखे तो किसान समय रहते ही सचेत हो जाएं। अगर थोड़ी भी लापरवाही की तो गेहूं की फसल को पीला रतुआ बर्बाद कर सकता है।
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अगर किसानों को गेहूं की फसल पीली होती दिखाई दे तो तुरंत कृषि वैज्ञानिकों की सलाह लें और मौसम खुलते ही फसल पर सही समय पर उचित मात्रा में दवा का छिड़काव करें। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में हर साल करीब सात लाख मीट्रिक टन गेहूं की पैदावार होती है। दूसरी ओर, बागवानी विशेषज्ञों ने फरवरी की भारी बर्फबारी को देखते हुए सचेत किया है कि फलदार पेड़ों खासकर सेब के पेड़ो से बर्फ हटाने का काम तुरंत कर लें। फरवरी की बर्फ में पानी ज्यादा होता है और इसके बोझ से फलदार पेड़ों के टूटने की आशंका बनी रहती है। इस कारण से पेड़ों से बर्फ हटाकर इनको बचा लें। मौसम साफ होने तक पेड़ों में काटछांट का काम भी रोक दें।
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