फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Success: Paddy crop will be prepared without paneeri, trial successful

कामयाबी: बिना पनीरी से तैयार होगी धान की फसल, ट्रायल सफल

Tue, 29 Aug 2023 11:01 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर)
संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर) Published by: Krishan Singh Updated Tue, 29 Aug 2023 11:01 AM IST
सार

प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। अब ऐसे इलाकों में भी धान की फसल लहलहाएगी, जहां कृषि बारिश पर निर्भर है। यानी इस फसल के लिए अब ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। 

विज्ञापन
Success: Paddy crop will be prepared without paneeri, trial successful
बिना पनीरी से तैयार होगी धान की फसल - फोटो : amar ujala

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। अब ऐसे इलाकों में भी धान की फसल लहलहाएगी, जहां कृषि बारिश पर निर्भर है। यानी इस फसल के लिए अब ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। धान लगाने के लिए न तो किसानों को पनीरी तैयार करनी पड़ेगी और न ही गादयुक्त पानी में रोपने की जरूरत होगी। यह फसल बिजाई करने से ही खेतों में तैयार हो जाएगी। प्रायोगिक तौर पर इसका ट्रायल लगभग सफल हो चुका है। सब ठीक रहा तो अगले साल से ही किसानों को इस फसल के तैयार होने के बाद बीज आवंटित किया जाएगा। 

विज्ञापन


दरअसल, कृषि विभाग ने धान की पैदावार बढ़ाने और असिंचित क्षेत्रों में इस फसल को तैयार करने मसकद से विभिन्न किस्मों के बीजों की पांवटा साहिब उपमंडल के भगाणी स्थित फार्म में बिजाई की, अब फसल लहलहाने लगी है। यहां करीब 1.5 हेक्टेयर में से 5 बीघा रकबे पर कस्तूरी, 5 बीघा पर एचपीआर 2143, 6 बीघा पर एचपीआर 2656 और तीन बीघा पर टनाटन बासमती की बिजाई की गई है। कृषि विभाग को इसके अच्छे परिणाम भी मिलने लगे हैं। बता दें कि सिरमौर की पांवटा साहिब वैली के साथ जिले के अन्य हिस्सों समेत जिला कांगड़ा, शिमला, कुल्लू, चंबा आदि जिलों में भारी मात्रा में धान की पैदावार होती है। अकेले सिरमौर में 8 हेक्टेयर रकबे पर इसका उत्पादन किया जा रहा है। 

विज्ञापन

भगानी स्थित फार्म पर विभाग ने 1.5 हेक्टेयर में बिजाई से धान की चार किस्में तैयार की हैं। इसमें अलग से पनीरी तैयार करने की आवश्यकता नहीं है। एक बार बिजाई के बाद ही फसल तैयार होगी। आने वाले समय में इसका बीज किसानों को बांटा जाएगा। - डाॅ. राजेंद्र सिंह ठाकुर, उपनिदेशक कृषि विभाग, सिरमौर

विज्ञापन
विज्ञापन

 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed