फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Red Bolero Apricot: Red Apricot prepared for the first time in Himachal, is helpful in fighting cancer

Red Bolero Apricot: हिमाचल में पहली बार लाल खुबानी तैयार, कैंसर से लड़ने में है सहायक

Fri, 27 May 2022 10:37 AM IST
Krishan Singh विश्वास भारद्वाज, शिमला
विश्वास भारद्वाज, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 27 May 2022 10:37 AM IST
सार

शिमला जिले के एक बागवान ने अपने बगीचे में लाल रंग की खुबानी(रेड बोलेरो एप्रिकॉट) तैयार की है, जो कि स्पेन की किस्म है। खुबानी को सुखाकर भी खाया जा सकता है और इसकी गुठली भी मीठी होती है।
 

विज्ञापन
Red Bolero Apricot: Red Apricot prepared for the first time in Himachal, is helpful in fighting cancer
लाल खुबानी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश के लोग अब पीली ही नहीं लाल रंग की खुबानी (एप्रिकॉट) का भी स्वाद चख सकेंगे। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के कोटखाई के बखोल गांव के एक बागवान ने अपने बगीचे में लाल रंग की खुबानी रेड बोलेरो तैयार की है, जो कि स्पेन की किस्म है। सामान्य खुबानी के मुकाबले इसका आकार बड़ा है और इसके ताजा रहने की मियाद भी उससे दस दिन अधिक है। लाल रंग की खुबानी रेड बोलेरो का एंटी एजिंग गुण चेहरे से झुर्रियां हटाने में सहायक है और समय से पहले बूढ़ा होने से रोकने में मददगार है। इसमें पाया जाने वाला फीनॉलिक एसिड कैंसर सेल को बढ़ने से रोकता है। यानी यह किस्म कैंसर से लड़ने में सहायक है।

विज्ञापन


इसमें आयरन, पोटेशियम और मैग्नीशियम के अलावा एंटीऑक्सीडेंट्स, वीटा कैरोटीन, विटामिन सी और ई भी पाया जाता है। बागवान संजीव चौहान ने बताया कि वर्ष 2020 में उन्होंने इटली से रेड बोलेरो और रुबिल किस्म की खुबानी के पौधे आयात किए थे। पौधे लगाने के दो साल बाद इसमें अब फल लगने लगे हैं। रेड बोलेरो को पूरी तरह तैयार होने में अभी करीब दस दिन का समय और लगेगा। आकार बड़ा होने के कारण मार्केट में इसकी मांग ज्यादा होगी। इसके ताजा रहने की मियाद अधिक होने से इसकी ट्रांसपोर्टेशन आसानी से हो सकेगी। इसका बाहर का छिलका गहरे लाल रंग का है। खुबानी पूरी तरह आर्गेनिक है, क्योंकि इसमें कोई स्प्रे नहीं होती। खुबानी को सुखाकर भी खाया जा सकता है और इसकी गुठली भी मीठी होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed