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Seminar in Nauni University: लेमन ग्रास की खुशबू से दूर होगा तनाव, तेल लगाने से नहीं काटेंगे मच्छर
Thu, 02 Jun 2022 02:33 PM IST
अरविन्द ठाकुर
ललित कश्यप, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
ललित कश्यप, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 02 Jun 2022 02:33 PM IST
सार
लेमन ग्रास से तेल भी निकलता है। इसका प्रयोग दवाइयों के साथ सेंट, साबुन बनाने में किया जाता है। इसकी पत्तियों से लेमन-टी भी बनाई जाती है। लेमन ग्रास के एक लीटर तेल की कीमत 10,000 से 15,000 रुपये तक है।
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लेमन ग्रास
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विस्तार
औषधीय गुणों से भरपूर लेमन ग्रास को सूंघने मात्र से तनाव दूर हो जाएगा। इससे तैयार तेल लगाने पर मच्छर भी नहीं काटेंगे। इसका खुलासा नौणी विवि में राष्ट्रीय सेमिनार के दौरान हुआ। शोध के दौरान सामने आया कि लेमन ग्रास की पत्तियों को हाथ में रगड़ने पर खुशबू निकलती है। इस खुशबू को सूंघने से तनाव काफी कम होता है।
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लेमन ग्रास से तेल भी निकलता है। इसका प्रयोग दवाइयों के साथ सेंट, साबुन बनाने में किया जाता है। इसकी पत्तियों से लेमन-टी भी बनाई जाती है। लेमन ग्रास के एक लीटर तेल की कीमत 10,000 से 15,000 रुपये तक है। सम्मेलन में इसकी खेती करने के हिमाचल के किसानों को टिप्स दिए गए। वैज्ञानिकों ने बताया कि लेमन ग्रास पर जम्मू-कश्मीर के केवीके केंद्र रियासी ने शोध किया है। वैष्णो देवी और कटरा क्षेत्र में लेमन ग्रास की खेती की जा रही है।
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लेमन ग्रास एक प्रकार की गुणकारी घास है। इस घास की यह खासियत है कि इसे न तो बंदर नुकसान पहुंचाते हैं और न ही पशु इसे खाते हैं। इस घास की खेती प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों में की जा सकती है, जहां पर बंदर अधिक हैं। किसान इस घास से ही अपनी आजीविका कमा सकते है। यह घास एक साल में तीन बार फसल देता है। इसके तेल की मांग दवा कंपनियां काफी करती हैं। वर्तमान में वैष्णो देवी और कटरा से सटे क्षेत्रों में इस घास की खेती का प्रशिक्षण किसानों को दिया है।
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उधर, जम्मू-कश्मीर के कृषि विज्ञान केंद्र रियासी के प्रभारी डॉ. बनारसी लाल ने बताया कि यह ग्रास एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेंटरी, एंटी-सेप्टिक और विटामिन सी से भरपूर है। जो रोगों से लड़ने की क्षमता पैदा करती है। इसे सूंघने से तनाव दूर होता है। हिमाचल में भी इसे तैयार किया जा सकता है। इससे निकलने वाले तेल का प्रयोग ऑडोमॉस के लिए भी किया जा रहा है।