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Potato New Varieties: गेहूं, धान की फसल की अवधि के बीच आलू उगा सकेंगे किसान, सीपीआरआई शिमला ने ईजाद कीं तीन किस्में
Tue, 21 Jun 2022 11:29 AM IST
Krishan Singh
विपिन काला, शिमला
विपिन काला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 21 Jun 2022 11:29 AM IST
सार
केंद्रीय आलू अनुसंधान केंद्र (सीपीआरआई) शिमला ने 90 दिन में तैयार होने वाली कुफरी सूर्य, कुफरी ख्याति और कुफरी सुख्याति आलू की तीन किस्में ईजाद की हैं। मैदानी इलाकों में तापमान अधिक होने के कारण ये किस्में कम समय में तैयार हो रही हैं।
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सीपीआरआई शिमला ने ईजाद कीं आलू की तीन किस्में।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गंगा नदी से सटे देश के मैदानी इलाकों के किसान गेहूं और धान की फसल की अवधि के बीच के समय में अब आलू की पैदावार ले सकेंगे। केंद्रीय आलू अनुसंधान केंद्र (सीपीआरआई) शिमला ने 90 दिन में तैयार होने वाली कुफरी सूर्य, कुफरी ख्याति और कुफरी सुख्याति आलू की तीन किस्में ईजाद की हैं। मैदानी इलाकों में तापमान अधिक होने के कारण ये किस्में कम समय में तैयार हो रही हैं।
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इन किस्मों से किसान प्रति हेक्टेयर 40 क्विंटल तक की पैदावार ले सकेंगे। अभी गेहूं और धान की फसल की अवधि के बीच के समय में किसान अभी कोई फसल नहीं उगा रहे हैं। अमूमन, पहाड़ी क्षेत्रों में आलू की फसल 100 से 120 दिन में तैयार होती है। सीपीआरआई के वैज्ञानिकों के प्रयासों से अब तीन किस्मों से किसान आलू की पैदावार कम समय में ले सकेंगे। इन किस्मों के आलू का बीज उगाकर किसान अपेक्षाकृत कम अवधि में फसल तैयार कर मुनाफा कमा सकते हैं।
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कसौटी पर खरा नहीं उतरा कुफरी पुखराज बीज
संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. विनय भारद्वाज ने बताया कि इन किस्मों से पहले कुफरी पुखराज आलू बीज उगाकर कम अवधि में तैयार करने का प्रयोग किया था। इसका आलू कम समय में तैयार हो जाता था, लेकिन इसकी भंडारण अवधि कम थी। आलू का छिलका पतला होने के कारण समस्या आ रही थी। तीनों किस्मों के बीच में कम अवधि में आलू तैयार हो रहा है। उत्पादन भी 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक रहता है।
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क्या कहते हैं सीपीआरआई के निदेशक
सीपीआरआई के निदेशक एनके पांडे कहते हैं कि गंगा नदी से सटे मैदानी इलाकों में किसान तीसरी फसल के रूप में गेहूं और धान के बीच की अवधि में आलू की पैदावार कर सकते हैं। इससे किसानों को वित्तीय लाभ भी होगा और देश की आलू की जरूरत भी पूूरी होगी। मैदानी इलाकों में देश का 70 फीसदी आलू पैदा होता है।