फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Caterpillar attack on paddy crop, crop getting damaged in plain areas

Sirmour News: धान की फसल पर सूंडी का हमला, मैदानी क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त हो रही फसल

Mon, 11 Sep 2023 08:29 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर)
संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर) Published by: Krishan Singh Updated Mon, 11 Sep 2023 08:29 PM IST
सार

 प्रदेश के सिरमौर जिले के मैदानी इलाकों में धान की फसल पर कीड़े ने हमला कर दिया है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। बीते साल वायरस से फसल खराब हो गई थी। 

विज्ञापन
Caterpillar attack on paddy crop, crop getting damaged in plain areas
धान की फसल पर सूंडी का हमला - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के मैदानी इलाकों में धान की फसल पर कीड़े ने हमला कर दिया है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। बीते साल वायरस से फसल खराब हो गई थी। इससे बड़े पैमाने पर धान को नुकसान पहुंचा था। वायरस के चलते पांवटा घाटी में कई किसानों ने ट्रैक्टर चलाकर फसल उखाड़ दी थी। इस बार कीड़ा (सूंडी) से किसान परेशान हैं। बताया जा रहा है कि पहली बार धान की फसल में कीड़े लगने जैसी शिकायत आई है।

विज्ञापन


शुरूआती लक्षण में फसल को जहां कीड़ा लगा है, वहां धान की पत्तियां सूखकर लाल पड़ रही हैं। ये हल्के पीले रंग का बताया जा रहा है। धान के पत्ते लाल होने पर जब किसानों ने पौधे को उखाड़ा तो तने में कीड़ा पाया गया। ये तेजी से पौधे को चट कर रहा है। तने की भीतर कीड़ा जगह बना रहा है। इससे किसानों को फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है।
विज्ञापन


किसान भजन सिंह चौधरी, रामलाल और रामकुमार ने बताया कि भूपपुर, खारा, टोका, गुलाबगढ़ और पुरूवाला क्षेत्र में कई जगह धान की फसल में कीड़ा पन रहा है। बता दें कि जिले में 5,000 हेक्टेयर पर धान की खेती की जा रही है। जिले में सबसे ज्यादा पांवटा साहिब घाटी में इसका उत्पादन हो रहा है। पिछले दो तीन साल से धान की फसल किसी न किसी रोग की चपेट में आ रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

कीड़ा लगने की शिकायत मिली है। किसान एक लीटर पानी में 0.5 मिली कोराजन दवा मिलाकर फसल पर छिड़काव करें। इसके अलावा इमामामेक्टिन बैंजोएट दवा भी इसी मात्रा में मिलाकर छिड़काव कर सकते हैं। यानी एक बीघा फसल में 15 लीटर पानी के पंप से इन दवाओं का 3 से 4 बार छिड़काव करें। भूपपुर क्षेत्र में वैज्ञानिक ने भी फसल का परीक्षण किया है।- डॉ. पंकज मित्तल, प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र धौलाकुआं

 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed