विज्ञापन
विज्ञापन

एमएड से युवाओं ने मोड़ा मुंह, सीटें रह गईं खाली

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 01 Dec 2019 12:18 PM IST
फाइल फोटो
फाइल फोटो
ख़बर सुनें
प्रदेश के युवाओं का बीएड के बाद एमएड डिग्री कोर्स से मोहभंग हो गया है। चार साल पूर्व तक एमएड कोर्स में प्रवेश को मारामारी होती थी। बीते वर्ष और इस साल एकाएक आवेदनकर्ताओं और प्रवेश परीक्षा देने वालों की संख्या ही दो सौ से कम रह गईं। इस बार विवि के शिक्षा विभाग की 50 और निजी शिक्षण संस्थानों की दो सौ सीटों के लिए सिर्फ 159 ने आवेदन किया और प्रवेश परीक्षा दी, इनमें से प्रवेश परीक्षा के घोषित नतीजों में सिर्फ  69 ने परीक्षा में प्राप्तांक की शर्त को पूरा किया। 
विज्ञापन
विवि के शिक्षा विभाग की ओर से 13 नवंबर को करवाई गई काउंसलिंग में सिर्फ 29 अभ्यर्थी अपीयर हुए। इनमें से भी कितने पांच दिसंबर तक फीस जमा करवाकर प्रवेश लेंगे, यह भी तय नहीं है। विवि के शिक्षा विभाग में ही खाली रह गईं करीब बीस सीटों में आठ सीटें एससी और एसटी की हैं। इन सीटों को भरने के लिए विवि ने दोबारा एमएड की काउंसलिंग में अपीयर होने का नए अभ्यर्थियों को मौका दिया है।

विवि के शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रो. नयन सिंह स्वयं मानते हैं कि बीते करीब तीन सालों से एमएड कोर्स करने का रुझान कम हुआ है। असल वजह क्या है, इसे लेकर वह कुछ नहीं कह सकते। माना जा रहा है कि बीएड कोर्स दो साल का किए जाने के बाद से एमएड में प्रवेश कम हो रहा है। पहले एकाएक बीएड कॉलेजों के निजी क्षेत्र में खुलने के बाद से हर साल औसतन सात से आठ हजार बीएड डिग्री धारक जमा हो रहे हैं, जबकि रोजगार की संभावनाएं कम हैं। निजी कॉलेजों में पढ़ाने के लिए जितने एमएड और नेट क्वालिफाई चाहिए थे, उससे अधिक उपलब्ध हैं। यही एमएड कोर्स की ओर रुचि कम होने की वजह मानी जा रही है। 

दूसरी काउंसलिंग में आरक्षित वर्ग के सिर्फ अपीयर हुए अभ्यर्थी भी बुलाए 
विवि का शिक्षा विभाग खाली रहीं सीटों को भरने के लिए 6 दिसंबर को  दूसरे चरण की काउंसलिंग करेगा। इसमें सामान्य वर्ग के प्रवेश परीक्षा में प्राप्तांक की शर्त में बीएड डिग्री में 50 फीसदी और प्रवेश परीक्षा में न्यूनतम 35 अंक वाले पात्र बुलाए गए हैं, जबकि आरक्षित एससी एसटी वर्ग के सिर्फ प्रवेश परीक्षा में अपीयर हुए उम्मीदवारों को भी काउंसलिंग में बुलाया गया है। विभागाध्यक्ष का कहना है कि एससी एसटी की विवि के विभाग में भी आठ सीटें खाली रह गई हैं। 

निजी कॉलेजों में नहीं होगा एक भी प्रवेश 
चूंकि विवि के शिक्षा विभाग की ही सीटें नहीं भर पाई हैं तो जिन निजी कॉलेजों ने एमएड के बैच लिए हैं, उन्हें शायद ही पढ़ाने के लिए को छात्र मिले। 
विज्ञापन

Recommended

सब कुशल मंगल के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में गूंजे दर्शकों के ठहाके
सब कुशल मंगल

सब कुशल मंगल के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में गूंजे दर्शकों के ठहाके

ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019
Astrology Services

ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Himachal Pradesh

प्रदेश विवि ने सब्सिडी कोटे में एलएलएम की 15 सीटें बढ़ाई

एचपीयू ने विधि विभाग में सब्सिडी (सब्सिडाइज्ड) श्रेणी की 15 सीटें और बिना सब्सिडी (नॉन सब्सिडाइज्ड) श्रेणी की 14 सीटें बढ़ा दी हैं।

7 दिसंबर 2019

विज्ञापन

उन्नाव केस | उन्नाव पीड़िता के परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा और घर देगी योगी सरकार

उन्नाव मामले में पीड़िता की मौत के बाद देशभर में गुस्से का माहौल है। वहीं अब योगी सरकार ने परिवार को मुआवजे का ऐलान किया है।

7 दिसंबर 2019

Related

आज का मुद्दा
View more polls
Niine

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election