हिमाचल के तकनीकी शिक्षण संस्थानों में होगी साइंस-कॉमर्स की पढ़ाई
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अब तकनीकी शिक्षण संस्थानों में भी विद्यार्थी साइंस और कॉमर्स के विषयों की पढ़ाई कर सकते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में कोई भी शिक्षण संस्थान अब एक ही विषय की पढ़ाई नहीं करवा पाएगा। शिक्षा नीति में सभी शिक्षण संस्थानों को बहु-विषयक बनाने का प्रावधान किया गया है। यह बात हिमाचल के उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष और प्रदेश विवि के पूर्व कुलपति प्रो. सुनील गुप्ता ने तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन विषय पर सेमीनार में बतौर मुख्यातिथि कही। विवि के कुलपति प्रो एसपी बंसल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। प्रो. गुप्ता ने कहा कि ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को हिमाचल में लागू करने के लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार रूसा को प्रदेश में बिना तैयारी से लागू किया गया था, उस प्रकार की कोई जल्दबाजी नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को किस फेस में और कहां लागू होगी, इसके लिए प्रदेश सरकार ने टास्क फोर्स बनाई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को धरातल पर लागू करने में शिक्षक वर्ग की सबसे अहम भूमिका रहेगी। कुलपति प्रो. एसपी बंसल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत को आत्मनिर्भर बनाने में सबसे अहम भूमिका निभाएगी। सेमीनार में तकनीकी विवि के डीप अकादमिक प्रो. कुलभूषण चंदेल, कुलसचिव अनुपम कुमार, उच्च शिक्षा परिषद के राज्य परियोजना अधिकारी बलवीर पटियाल, अधिष्ठाता अभियांत्रिकी डॉ. धीरेंद्र शर्मा, वित्ताधिकारी उत्तम पटियाल इस दौरान मौजूद रहे।
एमफिल नहीं, सीधे होगी पीएचडी की डिग्री
प्रदेश हायर एजूकेशन काउंसिल के चेयरमैन प्रो. सुनील कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में अगले शिक्षा सत्र से नई शिक्षा नीति लागू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से प्रस्तावित नई शिक्षा नीति किस तरह से लागू होगी और इसके क्या प्रावधान रहेंगे, इसके लिए रोड मैप तैयार किया जा रहा है।
लोगों से सुझाव और आपत्तियां भी ली जा रही हैं। बारहवीं कक्षा के बाद बहु संकाय में कोई भी छात्र किसी भी विषय में स्नातक कर पाएगा और अब आर्ट, मेडिकल या नॉन मेडिकल नाम के बजाय मात्र ग्रेजुएशन ही नाम रहेगा। एमफिल सिस्टम खत्म कर दिया गया है और सीधे पीएचडी की डिग्री की जा सकती है।