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पैरालंपिक: निषाद के कोच विक्रम बोले- पहली बार मिला तो भांप लिया यह लड़का कुछ करेगा
Sat, 04 Sep 2021 11:11 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, मैहतपुर (ऊना)
अमर उजाला नेटवर्क, मैहतपुर (ऊना)
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 04 Sep 2021 11:11 AM IST
सार
अमर उजाला से बातचीत में कोच विक्रम ने बताया कि 2018 में निषाद के परिजन उनसे पंचकूला में मिले थे। निषाद का खेलों के प्रति रुझान देखते हुए उनकी प्रतिभा को तराशने के लिए कहा। खेलकूद के प्रति जुनून एक खिलाड़ी में होना चाहिए, वह निषाद में साफ झलकता था।
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कोच विक्रम के साथ निषाद कुमार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पैरालंपिक में रजत पदक जीतने वाले हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के निषाद कुमार की प्रतिभा को तराशने में उनके कोच विक्रम का बड़ा हाथ है। उनके कोच विक्रम बताते हैं कि 2018 से ही निषाद को पैरालंपिक में भेजने का लक्ष्य तय कर लिया था। उन्होंने कहा कि वह निषाद को जब पहली बार मिले तो भांप लिया था कि यह लड़का कुछ न कुछ जरूर करेगा। अमर उजाला से बातचीत में कोच विक्रम ने बताया कि 2018 में निषाद के परिजन उनसे पंचकूला में मिले थे। निषाद का खेलों के प्रति रुझान देखते हुए उनकी प्रतिभा को तराशने के लिए कहा। खेलकूद के प्रति जुनून एक खिलाड़ी में होना चाहिए, वह निषाद में साफ झलकता था।
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कहा कि अब उनका अगला निशाना गोल्ड मेडल जीतकर पैरालंपिक में इतिहास रचना होगा। कोच विक्रम मानते हैं कि निषाद कुमार की ऊंची कद काठी, लंबी और ऊंची कूद में काफी सहायक रही है। शुक्रवार को निषाद के मैहतपुर पहुंचने पर स्वागत कार्यक्रम के दौरान भीड़ से अलग खड़े पंचकूला से आए निषाद के कोच विक्रम ने अमर उजाला के साथ कुछ देर की बातचीत में यह खुलासे किए। कहा कि उनके लिए यह गर्व की बात है कि इस लड़के को उन्होंने तराशकर इस काबिल बनाया कि वह देश का नाम रोशन कर सके। निषाद में पैरालंपिक में रजत पदक जीतकर न केवल देश, अपने गांव और जिला, बल्कि का नाम दुनिया में रोशन किया है।
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