पंचायत चुनाव: मतदान के दिन दो परीक्षाएं होने से अभ्यर्थी परेशान
हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग ने सूबे में हो रहे मतदान की तारीख को दरकिनार कर 17 जनवरी का दिन जूनियर ऑफिसर तथा असिस्टेंट प्रोग्रामर की परीक्षा के लिए तय कर दिया है। बाकायदा, परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को रोल नंबर भी जारी कर दिए हैं। ऐसे में परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों के सामने बड़ा संकट यह खड़ा हो गया है कि वह अपनी ग्राम पंचायतों में हो रहे मतदान को प्राथमिकता दें या परीक्षा को। चयन आयोग की ओर से जारी किए रोल नंबरों में जूनियर ऑफिसर (सुपरवाइजरी ट्रेनी एफ एंड ए) के लिए 17 जनवरी को सुबह 9 बजे हमीरपुर के एक परीक्षा केंद्र में रिपोर्ट करने को कहा है। असिस्टेंट प्रोग्रामर के लिए दोपहर 1 बजे पहुंचने को कहा है। सुबह की परीक्षा 10 से 12 बजे तक और दूसरे पेपर की परीक्षा 2 से 4 बजे तक होगी। यही समय पंचायत चुनाव के मतदान का भी है।
ऐसे में सवाल यह कि प्रदेश भर से आने वाले परीक्षार्थी अपनी पंचायतों में मतदान करने जाएं कि अपने कॅरिअर के लिए मतदान न करने का निर्णय करें। इस परीक्षा में जाने वाले कुछ उम्मीदवारों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि एक ओर तो सरकार मजबूत लोकतंत्र के लिए मतदान अवश्य करने के लिए अभियान चलाकर देश भर के मतदाताओं को जागरूक कर रही है। दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग मतदान के दिन ही परीक्षा की तारीख तय कर अनेक मतदाताओं को उनको मताधिकार से वंचित करने जा रहा है। परीक्षार्थियों समेत अन्य लोगों ने भी इस दिन होने जा रही परीक्षा को रद्द करने की मांग उठाई है। हिमाचल प्रदेश चयन आयोग के चेयरमैन ब्रिगेडियर सतीश शर्मा ने बताया कि इस मामले को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा। आने वाले समय पर इस निर्णय लिया जा सकता है।