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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mistakes in question paper confused student in Sanskrit exam on himachal education board

संस्कृत की परीक्षा में प्रश्नपत्र की गलतियों ने उलझाएं विद्यार्थी

Thu, 05 Mar 2020 07:45 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, चंबा/नादौन
अमर उजाला नेटवर्क, चंबा/नादौन Published by: Krishan Singh Updated Thu, 05 Mar 2020 07:45 PM IST
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Mistakes in question paper confused student in Sanskrit exam on himachal education board
परीक्षा के बाद चर्चा करतीं छात्राएं - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने गुरुवार के दसवीं कक्षा के संस्कृत विषय की परीक्षा ली। इसके प्रश्न पत्र में काफी गलतियां सामने आई हैं। विद्यार्थियों का दावा है कि प्रश्न पत्र में तीन से चार प्रश्न गलत दिए गए हैं। परीक्षा केंद्र में बैठे परीक्षार्थी परेशान रहे। इनका कहना है कि वे भ्रमित होकर प्रश्न को अच्छे से नहीं कर पाए। ए सीरीज के प्रश्न नंबर 11 में घड़ी में 10:45 दर्शाए गए हैं और 11:45 का समय पूछा गया है।

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इसी सीरीज के प्रश्न नंबर 17 के (ग) भाग में उत्तर के लिए दिए गए विकल्पों में स्पष्टता न होने से भ्रामक स्थिति बन गई। प्रश्न 17 के ही (ङ) भाग में शुद्ध भावार्थ चुनने को कहा गया, लेकिन तीनों सही उत्तर दे दिए गए। बी सीरीज में भी प्रश्न नंबर 11 की घड़ी में 10:45 दर्शाए गए और प्रश्न 11:45 का पूछा गया। सी सीरीज के प्रश्न नंबर 17 के (ङ) भाग में भी ए सीरीज की ही तरह उत्तर के लिए दिए गए विकल्पों में स्पष्टता न होने के कारण बच्चों में असमंजस की स्थिति बनी रही।
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प्रश्न 19 में भूपति शब्द का अर्थ दिने दे दिया। इसके अतिरिक्त पूरे प्रश्न पत्र में हलंत और विसर्गों की गलतियां भी रहीं। परीक्षार्थियों में राकेश कुमार, पूजा कुमारी, शर्मिला कुमारी, पूनम कुमारी, पंकज कुमार, सुनील कुमार, अक्षय कुमार, नीरज कुमार ने शिक्षा बोर्ड से मांग की है कि प्रश्न पत्र में खामियों के चलते अतिरिक्त अंक दिए जाएं।
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 राजकीय सीएंडवी अध्यापक संघ के जिलाध्यक्ष चतर सिंह सूर्यवंशी ने बताया कि प्रश्नों में कई खामियां निकली हैं। प्रदेश राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद ने बोर्ड से गुहार लगाई है कि ए सीरीज में तीन, बी सीरीज में एक और सी सीरीज में दो 2 अतिरिक्त अंक दिए जाएं। उधर, शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष सुरेश कुमार सोनी का कहना है कि यह मामला ध्यान में लाया गया है। कहा कि इस मामले में जांच की जाएगी। साथ ही छात्र हित में फैसला लिया जाएगा।

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