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एचपीयू शिमला मेरिट आधार पर देगा पीजी कोर्सों में प्रवेश

अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 01 Oct 2020 10:01 PM IST
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प्रदेश विश्वविद्यालय ने पीजी की प्रवेश परीक्षाएं न करवाने का फैसला लिया है। विवि सभी प्रवेश परीक्षा आधारित पीजी कोर्स में पात्रता परीक्षा के प्राप्तांक की मेरिट के आधार पर ही सभी कोर्स में प्रवेश देगा। कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार ने जारी बयान में कहा कि कोविड-19 के चलते प्रवेश परीक्षा करवाना संभव नहीं है।
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यूजीसी की ओर से 30 अक्तूबर तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए, इस बार प्रवेश परीक्षा न करवाने का निर्णय लिया गया है। कुलपति ने साफ किया है कि एमबीए और एमटीए जिससे कोर्स में प्रवेश के लिए परीक्षा के साथ ही ग्रुप डिस्कशन और व्यक्तिगत साक्षात्कार करवाना भी महामारी के प्रकोप को देखते हुए करवाना संभव नहीं है। इसलिए इन कोर्स में भी पात्रता परीक्षा के प्राप्तांक की मेरिट के आधार पर ही प्रवेश दिया जाएगा।


एमफिल, एलएलएम, एमटेक में भी मेरिट ही प्रवेश का आधार
कुलपति ने साफ किया है कि विवि विभिन्न विभागों के एमफिल, एलएलएम और एमटेक डिग्री कोर्सों के लिए भी प्रवेश परीक्षा नहीं करवाई जाएगी। पात्रता परीक्षा की मेरिट बनाकर प्रवेश दिया जाएगा।

सिर्फ बी एड कोर्स के लिए होगी प्रवेश परीक्षा
कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार ने कहा कि सिर्फ बीएड कोर्स में प्रवेश के लिए परीक्षा पूर्व निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक आयोजित की जाएगी। 27 अक्तूबर को होने वाली बी एड प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर ही विवि से संबद्ध सरकारी और निजी संस्थानों में प्रवेश दिया जाएगा।

कंटीन्यूशन फीस माफ करे विवि : एसएफआई
विवि के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. अरविंद कालिया से वीरवार को एसएफआई का प्रतिनिधिमंडल मिला। इकाई अध्यक्ष रविंद्र चंदेल की अगुवाई में मिले छात्र नेताओं ने उन्हें मांगपत्र सौंपा। पहले से लेट हो चुकीं प्रवेश परीक्षाओं पर जल्द स्थिति साफ करने की मांग उठाई। यह भी मांग उठाई की कोरोना के कारण छह माह से विवि में कक्षाएं नहीं होने के बावजूद विवि कंटीन्यूशन फीस और अतिरिक्त फंड वसूलने की तैयारी कर रहा है। इसे मंजूर नहीं किया जाएगा। सचिव ने मांग उठाई कि कोरोना के कारण बिगड़े आर्थिक हालात को देखते हुए छात्रों से कंटीन्यूशन फीस माफ की जाए। चेतावनी दी कि यदि अतिरिक्त फंड वसूली का प्रयास किया गया तो एसएफआई आंदोलन करेगी।
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