प्रदेश विवि ने सब्सिडी कोटे में एलएलएम की 15 सीटें बढ़ाई
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एचपीयू ने विधि विभाग में सब्सिडी (सब्सिडाइज्ड) श्रेणी की 15 सीटें और बिना सब्सिडी (नॉन सब्सिडाइज्ड) श्रेणी की 14 सीटें बढ़ा दी हैं। इससे अब कुल सीटों की संख्या 50 हो गई है। पहले एलएलएम में सब्सिडाइज्ड श्रेणी की 16 और नॉन सब्सिडाइज्ड श्रेणी की 5 सीटें भरी जाती थीं। एसएफआई ने एलएलएम की एकसाथ 29 सीटें सिर्फ नॉन सब्सिडाइज्ड श्रेणी में बढ़ाने का विरोध किया था। इस पर विवि प्रशासन ने जल्द उचित फैसला लेने का भरोसा दिया था। मामला ईसी में ले जाया गया। यहां से बढ़ाई जाने वाली सीटों का अनुपात सही किए जाने के हुए फैसले के बाद विभाग में कुल एलएलएम की भरी जाने वाली सीटों की संख्या 50 कर दी गई है।
सीटें भरने को प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर सूची भी जारी कर दी है। छात्रों को मंगलवार तक फीस जमा करवाने का समय दिया है। विधि विभागाध्यक्ष प्र्रो. सुनील देष्टा ने माना कि दूसरी मेरिट जारी कर दी गई है। इसमें सीटें बढ़ाने के बाद 50 होने पर सब्सिडाइज्ड श्रेणी की 15 और नॉन सब्सिडाइज्ड श्रेणी की 14 सीटें भरने को छात्रों की सूची सार्वजनिक कर दी गई है। उन्होंने कहा कि डिपार्टमेंटल काउंसिल ने सभी 29 सीटें नॉन सब्सिडाइज्ड श्रेणी में बढ़ाने का प्रस्ताव विवि प्रशासन को भेजा था। सीटों की संख्या 50 होने से प्रदेश के छात्र अब एचपीयू से ही एलएलएम कर पाएंगे। उन्हें बाहरी राज्यों में नहीं भटकना पड़ेगा।
एसएफआई ने आम छात्रों के संघर्ष की जीत बताया
एसएफआई की विवि इकाई के अध्यक्ष रविंद्र और सचिव गौरव ने सीटें बढ़ाने के विवि के फैसले का स्वागत किया है। छात्र नेताओं ने कहा कि एसएफआई ने नॉन सब्सिडाइज्ड श्रेणी में एक साथ 29 सीटें बढ़ाने का विरोध किया था। सीटें सब्सिडाइज्ड श्रेणी से बढ़ाकर भरने की मांग की थी। विवि प्रशासन ने पुनर्विचार के बाद सब्सिडाइज्ड श्रेणी में 15 सीटें और नॉन सब्सिडाज्ड में 14 सीटें बढ़ाने का फैसला लिया है।