हिमाचल शिक्षा बोर्ड: अब तीन के बजाय चार घंटे में परीक्षा दे सकेंगे विशेष विद्यार्थी, डेटशीट जारी
- अब चार घंटे में परीक्षा दे सकेंगे विशेष विद्यार्थी
- हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड ने जारी की डेटशीट
- परीक्षार्थियों को पेपर हल करने के लिए एक घंटा अतिरिक्त समय
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हिमाचल के विशेष परीक्षार्थी अपनी परीक्षा तीन के बजाय चार घंटे में पूरी कर सकेंगे। विशेष परीक्षार्थियों के लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड यह सुविधा दे रहा है। दसवीं कक्षा के नियमित और एसओएस के तहत अध्ययनरत इन विशेष परीक्षार्थियों की परीक्षाएं 13 अप्रैल से होंगी। इनके लिए बोर्ड ने डेटशीट जारी कर दी है। विशेष परीक्षार्थियों की परीक्षाएं 13 अप्रैल से सुबह के सत्र में होंगी। एक मई को समाप्त होंगी।
स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि शिक्षा बोर्ड दसवीं के नियमित व राज्य मुक्त विद्यालय के तहत सेकेंडरी कोर्स के विशेष आवश्यकताओं वाले परीक्षार्थियों की वार्षिक परीक्षाएं 13 अप्रैल से सुबह 8:45 से दोपहर 12 बजे तक लेगा। विशेष छात्रों को समस्त सुविधाएं संबंधित केंद्र में समन्वयकों की ओर से उपलब्ध करवाई जाएंगी। परीक्षार्थियों को पेपर हल करने के लिए एक घंटा अतिरिक्त समय दिया जाएगा। विशेष बच्चों को बोर्ड यह सुविधा देता आया है।
विशेष छात्रों की दसवीं की डेटशीट
दिनांक नियमित एसओएस
13 अप्रैल हिंदी हिंदी
16 अप्रैल गणित गणित
19 अप्रैल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
20 अप्रैल फाइनेंशियल लिटरेसी -
22 अप्रैल अंग्रेजी अंग्रेजी
24 अप्रैल संस्कृत/ उर्दू संस्कृत/पंजाबी
26 अप्रैल सामाजिक विज्ञान सामाजिक विज्ञान
28 अप्रैल कला-ए/स्वर संगीत कला-ए/अर्थशास्त्र
30 अप्रैल वाद्य संगीत/गृह विज्ञान गृह विज्ञान
1 मई कंप्यूटर साइंस कंप्यूटर साइंस
नौवीं के अंग्रेजी का पेपर 85 की जगह 83 अंक का डाला
राजकीय टीजीटी कला संघ हमीरपुर के अध्यक्ष विजय हीर ने कहा कि प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के कक्षा नौवीं के अंग्रेजी विषय का पेपर 85 के बजाय 83 अंक का ही डाल दिया। हीर ने शिक्षा बोर्ड से अपील की है कि 2 अंक किन प्रश्नों में बढ़ाने हैं, इस बारे में निर्देश जारी करें, ताकि मूल्यांकन में एकरूपता आ सके या सब बच्चों को 2 अंक कृपांक के रूप में दिए जा सकते हैं।
संस्कृत विषय की आठवीं कक्षा की संस्कृत विषय की परीक्षा में प्रश्न संख्या एक, तीन और 19 में एक ही गद्यांश डाल दिया गया। एक गद्यांश 15 अंकों का स्रोत बना दिया। हीर ने कहा कि बोर्ड को दसवीं और जमा दो की वार्षिक परीक्षाओं का कठिनाई स्तर कोविड के मद्देनजर सरल करना चाहिए और वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का अधिक प्रयोग करना चाहिए ताकि विद्यार्थी सहज अनुभव कर सकें।