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बिना आरएंडपी नियम शिक्षा बोर्ड दे रहा टेट के प्रमाणपत्र
Fri, 22 Nov 2019 12:54 PM IST
अरविन्द ठाकुर
हरीश चंद्र, अमर उजाला, धर्मशाला
हरीश चंद्र, अमर उजाला, धर्मशाला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 22 Nov 2019 12:54 PM IST
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड
- फोटो : फाइल फोटो
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शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा बोर्ड में तालमेल की कमी अभ्यर्थियों पर भारी पड़ रही है। बोर्ड बिना आरएंडपी नियमों को देखकर शास्त्री शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) में बीए संस्कृत, एमए संस्कृत सहित बीएड पास अभ्यर्थियों को पात्र मान रहा है, जबकि शास्त्री पद के लिए शिक्षा विभाग के आरएंडपी नियमों में केवल शास्त्री की डिग्री के साथ टेट पास पात्र हैं।
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जिन उम्मीदवारों ने बीए में संस्कृत पढ़ने के बाद एमए संस्कृत और बीएड के आधार पर शास्त्री का टेट पास किया है, अब ऐसे अभ्यर्थियों को शिक्षा विभाग कांउसलिंग में पात्र नहीं मनाकर वापस भेजा रहा है। ऐसा ही मामला वीरवार को धर्मशाला में प्रारंभिक शिक्षा विभाग की बैचवाइज भर्ती की कांउसलिंग में सामने आया।
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शिक्षा विभाग ने उन्हें शास्त्री के 29 पदों के बैचवाइज भर्ती में अपात्र घोषित कर वापस भेजा। रोजगार विभाग भी शिक्षा विभाग के आरएंडपी नियमों को देखे बिना कांउसलिंग के लिए लेटर भेजा रहा है। शास्त्री के 29 पदों के लिए लगभग 300 के आसपास टेट पास अभ्यर्थियों को रोजगार कार्यालय से कांउसलिंग लेटर लेकर आए थे।
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इसमें लगभग 150 उम्मीदवार ऐसे थे, जिन्होंने बीए में संस्कृत पढ़ने के बाद एमए संस्कृत और बीएड के आधार पर शास्त्री का टेट बोर्ड से पास किया था। उन्हें शिक्षा विभाग ने कांउसलिंग में पात्र ही नहीं माना। ऐसे में स्कूल शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
कांउसलिंग देने आए अभ्यर्थी राकेश कुमार, इंदु कुमारी, देवेंद्र कुमार, विनोद और रचना आदि ने कहा कि जिस प्रकार भाषा अध्यापक के लिए एमए हिंदी पास का पात्र किया जाता है, ऐसे ही बीए में संस्कृत पढ़ने के बाद एमए संस्कृत और बीएड के आधार पर शास्त्री का टेट पास वालों को भी भर्ती किया जाए। उन्होंने प्रदेश सरकार से शास्त्री पद के भर्ती नियमों में बदलाव करने की मांग उठाई।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग कांगड़ा के उपनिदेशक राजकुमार ने कहा कि शास्त्री पदों के लिए तय आरएंडपी नियम वाले अभ्यर्थियों को कांउसलिंग में पात्र माना गया है। 29 शास्त्री पदों के 116 अभ्यर्थी पात्र पाए गए हैं। रोजगार विभाग को भी आरएंडपी नियमों की प्रतिलिपि भेजी गई थी, जिसके आधार पर अभ्यर्थियों को कांउसलिंग लेटर भेजने को कहा गया था।
रोजगार अधिकारी धर्मशाला जेएस राणा ने कहा कि शास्त्री टेट पास अभ्यर्थियों को कांउसलिंग पत्र भेजे गए हैं। उसमें से कोई पात्र नहीं हुए हैं तो इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।