स्कूल शिक्षा बोर्ड: अध्यापक पात्रता परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि टेट परीक्षा के लिए प्रोस्पेक्टस बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दिए गए हैं। इस दौरान सामान्य वर्ग और इसकी सब श्रेणियों से 800 रुपये व आरक्षित वर्ग से 500 रुपये फीस वसूली जाएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने आठ विषयों के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा (टेट) के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। पात्र अभ्यर्थी जेबीटी, टीजीटी (आर्ट्स/मेडिकल/नॉन मेडिकल), एलटी, शास्त्री, पंजाबी व उर्दू विषय की अध्यापक पात्रता परीक्षा के लिए 13 अक्तूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि टेट परीक्षा के लिए प्रोस्पेक्टस बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दिए गए हैं। इस दौरान सामान्य वर्ग और इसकी सब श्रेणियों से 800 रुपये व आरक्षित वर्ग से 500 रुपये फीस वसूली जाएगी। उन्होंने बताया कि 13 नवंबर से अध्यापक पात्रता परीक्षा शुरू होगी।
13 को जेबीटी व शास्त्री विषय में परीक्षा होगी। जेबीटी परीक्षा सुबह 10 बजे से 12:30 तक तथा शास्त्री परीक्षा का समय 2:00 से 4:30 बजे तक आयोजित होगी। वहीं, टीजीटी नॉन मेडिकल व एलटी विषय की परीक्षा 14 नवंबर को होगी, जबकि टीजीटी नॉन मेडिकल की परीक्षा सुबह 10 से 12:30 तक तथा एलटी परीक्षा दूसरे सत्र में होगी। टीजीटी कला व टीजीटी मेडिकल के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा 21 नवंबर को होगी। वहीं, टीजीटी कला का समय 10 से 12:30 व टीजीटी मेडिकल परीक्षा का समय 2:00 से 4:30 रहेगा। इसके अलावा पंजाबी व उर्दू विषय में परीक्षा 28 नवंबर को होगी, जबकि पंजाबी विषय की परीक्षा सुबह और दूसरे सत्र में उर्दू विषय की अध्यापक पात्रता परीक्षा होगी।
सीयू में ही प्रकाशित होंगे शोधार्थियों के पत्र
वहीं, केंद्रीय विश्वविद्यालय में शोध करने वाले शोधार्थियों को अब अपने शोध पत्र प्रकाशित और प्रिंट करने को परेशानी नहीं होगी। इसके लिए सीयू प्रशासन शीघ्र अपनी प्रिंटिंग प्रेस स्थापित करेगा। ये बात सीयू के कुलपति प्रो. एसपी बंसल ने सीयू देहरा परिसर में पंडित दीनदयाल दयाल उपाध्याय केंद्र की और से विचार दर्शन वार्ता के दौरान कही। कुलपति प्रो. सतप्रकाश बंसल ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय विचार दर्शन में उनके बारे में जानने का अवसर मिल रहा है। दीनदयाल उपाध्याय के विचार के अनुसार ही शिक्षकों को काम करना चाहिए। पूर्व मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित हुए अखिल भारतीय इतिहास योजना के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. बाल मुकुंद पांडे ने दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के बारे में विचार रखे। डॉ. अरुण कुमार की लिखित दो पुस्तकों का विमोचन किया गया। इस मौके पर दीनदयाल उपाध्याय पीठ अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार, मानद निदेशक डॉ. मलकीत सिंह, सह आचार्य डॉ. संजय कुमार, डॉ. सुनीता बोध, जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र के डॉ. जय प्रकाश सिंह, शोधार्थियों में चंदेल, अंजना ठाकुर, दीपक कुमार, तुषार शर्मा, हर्ष शर्मा और अमर कुमार मौजूद रहे।