कोरोना काल में परीक्षा देने से छूटे विद्यार्थियों को सरकार अक्तूबर में देगी मौका
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कोरोना के चलते यूजी अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं नहीं दे पाए विद्यार्थियों के लिए सरकार और शिक्षा विभाग अलग से परीक्षा देने का मौका देगा। इनके लिए परीक्षाएं अक्तूबर में ही संभव होंगी। इन दिनों प्रदेश के कॉलेजों में चल रहीं अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं 12 सितंबर तक ही संपन्न होगी। इसके बाद प्रदेश विवि सभी परीक्षा केंद्रों से परीक्षा में गैरहाजिर रहने वाले विद्यार्थियों का ब्योरा जुटाएगा। इसके उपरांत ही विवि परीक्षा नहीं दे पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या, विषयों के आधार पर परीक्षा का मौका देने के लिए कार्ययोजना बनाएगा।
विवि रूटीन में हो रही परीक्षाओं का परिणाम जल्द घोषित करने का प्रयास करेगा। इससे अक्तूबर में अलग से होने वाली परीक्षाओं के नतीजे आने में भी अधिक समय लगेगा। परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने माना कि परीक्षा नहीं दे पाने वाले कोरोना संक्रमित, कंटेनमेंट जोन के छात्रों के अलावा अन्य विद्यार्थियों के सही आंकड़े आने के बाद ही परीक्षा करवाने पर फैसला लिया जाएगा। इसकी तैयारी के लिए समय चाहिए। इसलिए परीक्षा का मौका अक्तूबर में ही देना संभव हो पाएगा।
एमएससी, पीएचडी में ऑनलाइन आवेदन की तिथि बढ़ाई
नौणी विवि ने 2020-21 शैक्षणिक सत्र के लिए स्नातकोत्तर और पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि बढ़ा दी है। एमएससी/एमबीए (एग्रीबिजनेस), एमबीए जनरल और पीएचडी में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त तक कर दी है। एमएससी उद्यानिकी में एंटोमोलॉजी, फ्लोरिकल्चर और लैंडस्केप आर्किटेक्चर, फूड टेक्नालॉजी, फ्रूट साइंस, मॉलिक्यूलर बायोलॉजी एंड बायोटेक्नालॉजी, प्लांट पैथोलॉजी, सीड साइंस एंड टेक्नालॉजी, स्पाइस, प्लांटेशन और सब्जी विज्ञान जैसे विषयों में एसएससी की जा सकती हैं। वानिकी में छात्र कृषि अर्थशास्त्र, एग्रोफोरेस्ट्री, पर्यावरण विज्ञान, पर्यावरण प्रबंधन, वन आनुवंशिक संसाधन, औषधीय और सुगंधित पौधे, माइक्रोबायोलॉजी, सिल्विकल्चर, मिट्टी विज्ञान, सांख्यिकी और लकड़ी विज्ञान और प्रौद्योगिकी में एमएससी के लिए आवेदन कर सकते हैं।