शीतकालीन सरकारी स्कूलों में शुरू हुईं वार्षिक परीक्षाएं, इतने दिन चलेंगी
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हिमाचल के शीतकालीन सरकारी स्कूलों में सोमवार से वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। पहली से चौथी और छठी-सातवीं कक्षा की परीक्षाएं 10 दिसंबर तक चलेंगी। असेसमेंट आधार पर इन कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा। किसी भी विद्यार्थी को इन कक्षाओं में फेल नहीं किया जाएगा। पहली से चौथी कक्षा की परीक्षाएं पांच दिसंबर और छठी-सातवीं की दस दिसंबर को समाप्त होंगी।
पांचवीं और आठवीं कक्षा की इस साल से प्रदेश में स्कूल शिक्षा बोर्ड परीक्षाएं लेगा। इन दोनों कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों को निर्धारित अंक प्राप्त करने के बाद ही अगली कक्षा में दाखिला दिया जाएगा। शीतकालीन स्कूलों में पांचवीं की परीक्षाएं 5 से 11 दिसंबर और आठवीं की 5 से 13 दिसंबर तक होंगी। हिमाचल में इस शैक्षणिक सत्र से शिक्षा का अधिकार अधिनियम संशोधन 2019 लागू हो गया है।
इसके तहत 5वीं और 8वीं कक्षा की वार्षिक लिखित परीक्षा में पास होने के लिए आवश्यक 28 अंक लेना जरूरी होगा। लिखित परीक्षा 85 अंकों की होगी। 15 नंबर आंतरिक आकलन आधार पर दिए जाएंगे। प्रदेश के स्कूलों में पढ़ने वाले करीब सवा लाख बच्चे पांचवीं और आठवीं कक्षा की परीक्षा में भाग लेंगे। सूबे के शीतकालीन स्कूलों की दिसंबर और ग्रीष्मकालीन स्कूलों के विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षाएं मार्च में होंगी। पांचवीं में करीब 63 हजार और आठवीं में करीब 65 हजार बच्चे पढ़ रहे हैं।
10वीं-12वीं की प्री बोर्ड परीक्षाएं सात से
वार्षिक परीक्षा में फेल होने वाले विद्यार्थियों को दो माह में फिर परीक्षा देने का मौका मिलेगा। इन दो माह के भीतर फेल हुए विद्यार्थियों के लिए एक्सट्रा क्लास लगाई जाएंगी। दोबारा होने वाली परीक्षा में भी फेल होने वाले विद्यार्थियों को अगली कक्षा में नहीं भेजा जाएगा। उधर, नवीं कक्षा की परीक्षाएं चार से 13 दिसंबर तक होंगी।
बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम सुधारने के लिए प्रदेश में पहली बार ली जा रही दसवीं और बारहवीं कक्षा की प्री बोर्ड परीक्षाएं 7 से 21 दिसंबर तक होंगी। सुबह दस बजे से दोपहर एक बजे तक परीक्षाएं होंगी। 30 दिसंबर को परिणाम घोषित होगा। प्री बोर्ड परीक्षाएं 80 फीसदी सिलेबस के आधार पर ली जाएंगी। कम परिणाम देने वाले स्कूलों में जनवरी माह में एक्सट्रा क्लासिज लगाई जाएंगी। प्रश्न पत्र का प्रारूप और अंक विभाजन हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से ली जाने वाली वार्षिक परीक्षा जैसा ही रहेगा।