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इक्डोल से साल में दो बार प्रवेश पर पेच
Tue, 14 Jan 2020 02:03 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Tue, 14 Jan 2020 02:03 PM IST
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय दूरवर्ती शिक्षा एवं मुक्त अध्ययन केंद्र ने (इक्डोल) इग्नू की तर्ज पर साल में दो बार जनवरी और जुलाई में सत्र में प्रवेश की सुविधा देने का फैसला लिया है, मगर अभी यह साफ नहीं कि जुलाई वाले सत्र में प्रवेश हो पाएगा या नहीं। यूजीसी डेब ने इक्डोल को जून 2020 तक ही नए सत्र बिठाने की अस्थायी अनुमति दे रखी है।
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इसमें डेब (डिस्टेंस एजूकेशन ब्यूरो) जो देश भर की यूनिवर्सिटी के दूरवर्ती शिक्षण संस्थानों में सत्र संचालन की अनुमति देता है और नियंत्रित करता है। नैक ग्रेडिंग स्कोर 3.26 होने पर ही कोर्स चलाने की अनुमति दी जाती है। जबकि नैक से ए ग्रेड प्राप्त एचपीयू का मौजूदा स्कोर 3.21 है। 2018 में लगी रोक के बाद विवि प्रशासन और इक्डोल प्रशासन ने यूजीसी डेब से जून 2020 तक नए बैच को एडमिशन देने की अस्थायी मंजूरी ली थी।
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यह समय सीमा जून में समाप्त हो रही है। अब जुलाई का सत्र तब ही बैठ पाएगा, जब इक्डोल पुन: अब तक छात्रों की सुविधा और कोर्स चलाने को उपलब्ध सुविधाओं का ब्योरा ऑनलाइन देकर नया बैच बिठाने को अनुमति दिलवाएगा। इक्डोल प्रशासन जनवरी 2020 के बैच के लिए 15 जनवरी से अपना एडमिशन पोर्टल खोल रहा है। इसमें एमए जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन कोर्स को अंतराल के बाद पुन: शुरू किया जा रहा है। जुलाई 2020 में सत्र मंजूरी मिलने के बाद ही शुरू हो सकेगा।
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मिल जाएगी जुलाई में नया सत्र शुरू करने को मंजूरी
इक्डोल निदेशक प्रो. कुलवंत पठानिया का कहना है कि इक्डोल से विभिन्न कोर्स चलाने को जून 2020 तक ही अनुमति है, मगर जुलाई 2020 के बैच के साथ जनवरी 2021 के बैच को बिठाने और प्रवेश दिए जाने को यूजीसी डेब के पोर्टल पर मांगी गई जानकारी और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
इस पर बैठक होनी है। जिसमें दिए गए ब्योरे से संबंधित जानकारी यूजीसी की कमेटी को दी जाएगी। पूरी उम्मीद है कि कोर्स जारी रखने और नए बैच बिठाने को मंजूरी मिल जाएगी।