Himachal News: भूकंप के चलते तुर्किये से आयात घटने पर हिमाचली सेब की बढ़ी मांग
शिमला जिले के जुब्बल-कोटखाई के बाघी रतनाड़ी कलबोग, रोहड़ू के छाजपुर, चौपाल के मड़ावग सहित अन्य क्षेत्रों के बागवान अपना सेब कोल्ड स्टोर में रखते हैं। इस साल तुर्किये में भूकंप से विदेशी सेब की सप्लाई प्रभावित हुई है।
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भूकंप के चलते तुर्किये, ईरान से सेब का आयात घटने के कारण हिमाचली सेब की मांग में इजाफा हुआ है। कोल्ड स्टोर में रखे सेब को इन दिनों 2,800 से 3,000 रूपये प्रति पेटी (25 किलो) दाम मिल रहे हैं। हर साल बागवान व्यक्तिगत और सामूहिक तौर पर 4 से 5 लाख पेटी सेब कोल्ड स्टोर में रखते हैं। शिमला जिले के जुब्बल-कोटखाई के बाघी रतनाड़ी कलबोग, रोहड़ू के छाजपुर, चौपाल के मड़ावग सहित अन्य क्षेत्रों के बागवान अपना सेब कोल्ड स्टोर में रखते हैं। इस साल तुर्किये में भूकंप से विदेशी सेब की सप्लाई प्रभावित हुई है। ईरान से भी बीते सालों के मुकाबले कम मात्रा में सेब का आयात हो रहा है।
डालर की कीमतें बढ़ने से सेब का आयात महंगा होना भी कारण
डालर की कीमतें बढ़ने से सेब का आयात महंगा होना भी कारण है। ड्रीम वैली आर्चर्ड छाजपुर के संचालक नरेंद्र चौहान ने बताया कि उन्होंने पंचकुला के कोल्ड स्टोर में क्रेट में 11 हजार बॉक्स सेब स्टोर किया था। आयातित सेब के मुकाबले हिमाचली सेब की क्वालिटी बेहतर होने सेे अच्छे दाम मिल रहे हैं। सीजन में जो 25 किलो सेब का बॉक्स 1,500 से 1,600 बिक रहा था, अब 2,800 से 2,900 रुपये बिक रहा है। पिछली बार तुर्किये और ईरान से अधिक सेब आयात होने से हिमाचल का कोल्ड स्टोर में रखा सेब औने पौने दामों पर बिका था।
कोल्ड स्टोर की सुविधा बढ़े तो सीजन में नहीं गिरेंगे सेब के दाम
प्रोग्रेसिव ग्रोवर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष आशुतोष चौहान ने बताया कि इस साल कोल्ड स्टोर में डाले गए हिमाचली सेब को बढि़या दाम मिल रहे हैं। तुर्की और ईरान से सप्लाई चेन प्रभावित होने से आयात कम हो रहा है। हिमाचली सेब 2,800 से 3,000 रुपये प्रति बॉक्स तक बिक रहा है।