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घणाहट्टी में बनेगा आईजीएमसी का अलग कैंपस

Sat, 31 May 2014 05:37 AM IST
Shimla
Shimla Updated Sat, 31 May 2014 05:37 AM IST
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शिमला। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि प्रदेश सरकार विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के प्रयास कर रही है। दुर्गम क्षेत्रों में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला और डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में स्नातकोत्तर सीटों की संख्या में अधिक वृद्धि के प्रयास भी किए जा रहे हैं। शुक्रवार को आईजीएमसी में अखिल भारतीय राइनालजी (नासा चिकित्सा) समिति के 27वें राष्ट्रीय सम्मेलन और एओआई के हिमाचल चैप्टर के 16वें वार्षिक सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से श्रेष्ठ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए दृढ़ संकल्प है। शिमला स्थित कमला नेहरू अस्पताल को पूर्णकालिक मातृ एवं शिशु अस्पताल के रूप में स्तरोन्नत किया जा रहा है। आईजीएमसी शिमला में भीड़ के दबाव को कम करने के लिए अस्पताल का एक अन्य परिसर शिमला के समीप घणाहट्टी में निर्मित किया जाएगा। आईजीएमसी में नए ओपीडी तथा प्रशासनिक खंड का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा होगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अखिल भारतीय नासा चिकित्सा समिति की स्मारिका एवं निर्देशिका तथा क्लीनिकल राइनालजी जर्नल का विमोचन भी किया। इस अवसर पर आईजीएमसी शिमला के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश चंद, अखिल भारतीय राइनालजी समिति के सचिव डा. संजय सूद, दंत चिकित्सा महाविद्यालय शिमला के प्रधानाचार्य डा. आरपी लूथरा, ईएनटी विशेषज्ञ प्रो. एके गुप्ता, आईजीएमसी प्रशासन के सहायक निदेशक डा. नरेश कुमार लट्ठ उपस्थित रहे।
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भारत में 12 मिलियन दृष्टिहीन
आईजीएमसी के प्रधानाचार्य डा. एसएस कौशल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि राइनालजी विषय पर तीन दिन होने वाले विचार विमर्श से प्रतिभागी तथा छात्र लाभान्वित होंगे। ऑटोलरिंजोलॉजी विभाग तथा हेड एंड नेक सर्जरी के प्रमुख प्रो. डा. अशोक गुप्ता ने अध्यक्षीय भाषण दिया। उन्होंने कहा कि विश्व भर में 45 मिलियन लोग दृष्टिहीन हैं, जिसमें से 12 मिलियन भारत में हैं। अखिल भारतीय राइनालजी समिति के अध्यक्ष डा. अरविंद सोनी ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे। ईएनटी विभाग के प्रमुख डा. एनके महेंद्रू ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
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