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गृह विभाग ने धूमल की ओर मोड़ी दूसरी एफआईआर
Shimla
Updated Tue, 13 May 2014 05:32 AM IST
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शिमला। एचपीसीए पर दर्ज दूसरी एफआईआर में भी विजिलेंस ब्यूरो पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को आरोपी बना रहा है। गृह विभाग ने विजिलेंस की ड्राफ्ट चार्जशीट को इस हिदायत के साथ लौटा दिया है कि जल्द जांच पूरी कर इसमें धूमल को भी आरोपी बनाया जाए। विजिलेंस ने धूमल को एक प्रश्नावली भी भेज दी है।
इसके लिए कांगड़ा के पूर्व डीसी रहे आईएएस अधिकारी केके पंत के बयानों को आधार बनाया जा रहा है। पूछताछ में पंत ने कहा था कि तत्कालीन मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही उन्होंने भवन गिराने को लेकर बैठक की थी। पहली एफआईआर में पहले ही धूमल पर केस बनाया जा चुका है। विजिलेंस ने धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम के साथ लगती शिक्षा विभाग की 720 वर्ग मीटर भूमि पर कब्जे और इस पर बने स्टाफ क्वार्टरों को गिराने के केस में एचपीसीए पर दूसरी एफआईआर दर्ज की थी। इसकी ड्राफ्ट चार्जशीट विजिलेंस ने अभियोजन मंजूरी के लिए गृह विभाग को भेजी थी।
अब ताजा हिदायत मिलने के बाद विजिलेंस ने तर्क दिया है कि चूंकि इस केस में पूर्व मुख्यमंत्री से पहले पूछताछ नहीं हुई है, इसलिए ये प्रक्रिया बाद में पूरी की जाएगी। इससे पहले गृह विभाग पांच अफसरों के खिलाफ अभियोजन मंजूरी दे दी। इन अफसरों में आईएएस अधिकारी केके पंत, धर्मशाला कालेज के पूर्व प्रिंसिपल ललित मोहन शर्मा और नरेंद्र अवस्थी, पीडब्ल्यूडी के रिटायर एक्सिइन देवीचंद चौहान, एसडीओ महेंद्र कटोच शामिल हैं। एचपीसीए की ओर से इसमें प्रवक्ता संजय शर्मा, अतर सिंह नेगी और गौत्तम ठाकुर के नाम हैं।
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सोमवार को कार्यवाहक मुख्य सचिव पी. मित्रा एवं अन्य अफसरों के साथ एडीजीपी विजिलेंस पृथ्वीराज की अहम बैठक हुई। इसके बाद अब सरकार पांच अफसरों के खिलाफ अभियोजन मंजूरी जल्द दे सकती है। इसके बाद धर्मशाला कोर्ट में इस केस का चालान पेश होगा।
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इसके लिए कांगड़ा के पूर्व डीसी रहे आईएएस अधिकारी केके पंत के बयानों को आधार बनाया जा रहा है। पूछताछ में पंत ने कहा था कि तत्कालीन मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही उन्होंने भवन गिराने को लेकर बैठक की थी। पहली एफआईआर में पहले ही धूमल पर केस बनाया जा चुका है। विजिलेंस ने धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम के साथ लगती शिक्षा विभाग की 720 वर्ग मीटर भूमि पर कब्जे और इस पर बने स्टाफ क्वार्टरों को गिराने के केस में एचपीसीए पर दूसरी एफआईआर दर्ज की थी। इसकी ड्राफ्ट चार्जशीट विजिलेंस ने अभियोजन मंजूरी के लिए गृह विभाग को भेजी थी।
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अब ताजा हिदायत मिलने के बाद विजिलेंस ने तर्क दिया है कि चूंकि इस केस में पूर्व मुख्यमंत्री से पहले पूछताछ नहीं हुई है, इसलिए ये प्रक्रिया बाद में पूरी की जाएगी। इससे पहले गृह विभाग पांच अफसरों के खिलाफ अभियोजन मंजूरी दे दी। इन अफसरों में आईएएस अधिकारी केके पंत, धर्मशाला कालेज के पूर्व प्रिंसिपल ललित मोहन शर्मा और नरेंद्र अवस्थी, पीडब्ल्यूडी के रिटायर एक्सिइन देवीचंद चौहान, एसडीओ महेंद्र कटोच शामिल हैं। एचपीसीए की ओर से इसमें प्रवक्ता संजय शर्मा, अतर सिंह नेगी और गौत्तम ठाकुर के नाम हैं।
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सोमवार को कार्यवाहक मुख्य सचिव पी. मित्रा एवं अन्य अफसरों के साथ एडीजीपी विजिलेंस पृथ्वीराज की अहम बैठक हुई। इसके बाद अब सरकार पांच अफसरों के खिलाफ अभियोजन मंजूरी जल्द दे सकती है। इसके बाद धर्मशाला कोर्ट में इस केस का चालान पेश होगा।