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प्रोस्पेक्टस फीस वसूली पर प्रदर्शन
Shimla
Updated Thu, 24 Apr 2014 05:30 AM IST
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शिमला। प्रदेश विश्वविद्यालय में प्रवेश परीक्षा की ऑनलाइन प्रक्रिया के बावजूद छात्रों से वसूले जा रहे 160 रुपये फार्म फीस के विरोध और आम छात्रों की मांगों को लेकर एससीए पदाधिकारियों ने परिसर में प्रदर्शन किया। कक्षा प्रतिनिधियों और आम छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में हल्ला बोला और पुस्तकालय से लेकर वीसी कार्यालय तक मानव श्रृंखला बना विरोध जाहिर किया। एससीए अध्यक्ष राजन हारटा ने कहा कि विश्वविद्यालय एससीए की मांगों को नजरअंदाज कर रहा है, सात माह से मांगों को हल करने को लेकर एसीए के साथ बैठक करने की मांग की जा रही है। जिसे प्रशासन नहीं मान रहा। अब आंदोलन ही विकल्प है। केंद्र से विभिन्न मदों से आने वाली करोड़ों की ग्रांट को छात्रों की सुविधाओं पर खर्च न कर इसे कर्मचारियों के वेतन पर खर्च करने छात्रों को विभागों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध न करवाने, बारहवें वित्त आयोग से बीते सत्र में 3.30 करोड़ की ग्रांट को खर्च न करने, शोध छात्रों की छात्रवृत्ति न देने के आरोप लगाए। कैग की रिपोर्ट में साफ है विश्वविद्यालय प्रशासन ने 12.30 करोड़ की राशि को कर्मचारियों के वेतन पर खर्च किया। छह माह से छात्रों को फेलोशिप नहीं दी गई। शोध छात्रों को गाइड तक नसीब नहीं हो रहे है। छात्रों का पीएम फंड, एचआरडी से लाखों का फंड बिना इस्तेमाल के वापस जा रहा है। इस राशि को वेतन में इस्तेमाल भी किया जा रहा है। उन्होंने चेताया कि यदि 160 रुपये की वसूली जा रही फीस की वापसी का फैसला न लिया गया, तो एससीए उग्र आंदोलन खड़ा करेगी। प्रदर्शन में रजिना, संजय, संजीव, अमित, रूपेश, धर्मवीर, अनिल, नरेंद्र सिंह, अनिता मौजूद रहे।
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