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एचएएस परीक्षा में बदलाव की तैयारी

Tue, 22 Apr 2014 05:33 AM IST
Shimla
Shimla Updated Tue, 22 Apr 2014 05:33 AM IST
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शिमला। राज्य लोक सेवा आयोग हिमाचल प्रशासनिक सेवा संयुक्त परीक्षा (एचएएस) की वर्तमान पद्धति को बदलने जा रहा है। इसे संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा लिखित परीक्षा में अपनाई गई नई पद्धति में बदलने की संभावनाओं पर विचार करने के लिए सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक आयोग के परिसर में हुई। इसकी अध्यक्षता आयोग अध्यक्ष केएस तोमर ने की। इसमें आयोग के वरिष्ठतम सदस्य प्रोफेसर जेसी शर्मा की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय समिति बनाने का फैसला हुआ। समिति एचएएस लिखित परीक्षा की वर्तमान पद्धति के बदलाव के बारे में अध्ययन कर तीन माह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। उन्होंने कहा कि समिति इस संबंध में यूपीएससी से दिशा-निर्देश भी लेगी। आयोग के सचिव इस विशेषज्ञ समिति के सदस्य सचिव होंगे।
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तोमर ने कहा कि आयोग ने एचएएस की लिखित परीक्षा की पद्धति को यूपीएससी द्वारा अपनाई जा रही पद्धति के अनुरूप करने को अध्ययन करने का निर्णय लिया है। इससे उम्मीदवारों के प्रयासों में एकरूपता लाने में सहायता मिलेगी। एचएएस की मुख्य परीक्षा की वर्तमान प्रणाली यूपीएससी की सिविल सर्विसिज (मुख्य) परीक्षा के अनुरूप है, लेकिन अब यूपीएससी ने इस प्रक्रिया में कुछ बदलाव किए हैं। इसी अनुसार लोक सेवा आयोग को भी बदलाव करने होंगे।
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अध्यक्ष ने कहा कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट मिलने के उपरांत वह स्वयं, आयोग के सदस्य तथा अधिकारी प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों का दौरा करेंगे। उम्मीदवारों से भी सुझाव लिए जाएंगे। बैठक में प्रोफेसर जेसी शर्मा, जेपी सिंह और प्रदीप चौहान, विशेषज्ञ प्रोफेसर बीएस मढ़, अधिष्ठाता अकादमी, विवि के प्रोफेसर सुरेश कुमार, अधिष्ठाता शिक्षा प्रोफेसर योगेंद्र वर्मा, प्रो. वीसी केंद्रीय विवि धर्मशाला प्रोफेसर पीके आहलुवालिया शामिल हुए।
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क्याें जरूरी है ये बदलाव?
एक समान परीक्षा प्रणाली अपनाने से जहां एकरूपता आएगी, वहीं उम्मीदवारों का चयन सूचना के स्रोत के रूप में न होकर लोक सेवक के रूप में उनकी योग्यता के अनुसार होगा। इस प्रकार केवल उन विषयों की परीक्षा होगी, जिससे उम्मीदवारों को प्रशासनिक दक्षता की जानकारी मिल सके। यानी, सिलेबस में भी बदलाव संभव है। एकसमान परीक्षा प्रणाली से सभी विषयों और पृष्ठभूमि के छात्रों को समान अवसर प्राप्त होंगे। वर्तमान प्रणाली में कुछ विषय अधिक लोकप्रिय होने के कारण विषयों के एक समान आकलन में समस्या रहती है।

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अलग-अलग परीक्षा प्रणाली होने से वर्तमान में एचएएस मुख्य परीक्षा के लिए की गई तैयारी संघ लोक सेवा आयोग की अन्य परीक्षाओं में काम नहीं आती। एचएएस परीक्षा के अधिकांश विषय संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं के लिए उपयुक्त नहीं हैं। इसलिए बदलाव जरूरी है।
- केएस तोमर, चेयरमैन लोक सेवा आयोग।
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