{"_id":"132-51196","slug":"Shimla-51196-132","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचायत में बनेगा रिजेक्ट आधार कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचायत में बनेगा रिजेक्ट आधार कार्ड
Shimla
Updated Wed, 09 Apr 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिमला। आपका आधार कार्ड किस कारण रिजेक्ट हुुआ? इसकी जानकारी अब एक फोन से मिल जाएगी। इसके लिए आईटी विभाग सॉॅफ्टवेयर तैयार कर चुका है। विभाग के कसुम्पटी स्थित कॉल सेंटर में फोन कर आधार कार्ड के स्टेट्स के बारे में जानकारी मिलेगी। आधार कार्ड से संबंधित कॉल सेंटर में कितने फोन आए, लोगों को इसके क्या जवाब दिए गए, क्या उनकी समस्याओं को सुलझाया गया या नहीं इसकी मॉनिटरिंग के लिए भी विभाग सॉफ्टवेयर तैयार करने जा रहा है।
रिजेक्ट हुए आधार कार्ड को बनाने के लिए विभाग अपने स्तर पर मोबाइल वैन खरीदने जा रहा है। ये मोबाइल वैन विभिन्न पंचायतों में जाकर रिजेक्ट हुए आधार कार्ड को बनाने के साथ- साथ नए आधार कार्ड भी बनाएंगी। मोबाइल बैन में आधार कार्ड बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली 50 किटों को भी खरीदा जाएगा। विभाग के अनुसार चुनाव आचार संहिता हटने के बाद इनकी खरीद प्रक्रिया शुरू होगी। किन पंचायतों में कितने आधार कार्ड बनने बाकी हैं। इसका डाटा एकत्र किया जा रहा है। विभाग के उप निदेशक अनिल सेमवाल ने बताया कि कॉल सेंटर की मॉनिटरिंग के लिए सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा मोबाइल वैन की ट्रेकिंग के लिए भी सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है।
---
कॉल सेंटर से नहीं मिलता जवाब
विभाग के कॉल सेंटर में रोज आधार कार्ड से संबंधित दर्जनों शिकायतें आती हैं, लेकिन इन शिकायतों का समाधान हुआ या नहीं इसकी मॉनिटरिंग नहीं हो पाती थी। विभाग के अधिकारियों के अनुसार अब इससे कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली में भी सुधार आएगा और लोगों की समस्याओं का भी समाधान होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
रिजेक्ट हुए आधार कार्ड को बनाने के लिए विभाग अपने स्तर पर मोबाइल वैन खरीदने जा रहा है। ये मोबाइल वैन विभिन्न पंचायतों में जाकर रिजेक्ट हुए आधार कार्ड को बनाने के साथ- साथ नए आधार कार्ड भी बनाएंगी। मोबाइल बैन में आधार कार्ड बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली 50 किटों को भी खरीदा जाएगा। विभाग के अनुसार चुनाव आचार संहिता हटने के बाद इनकी खरीद प्रक्रिया शुरू होगी। किन पंचायतों में कितने आधार कार्ड बनने बाकी हैं। इसका डाटा एकत्र किया जा रहा है। विभाग के उप निदेशक अनिल सेमवाल ने बताया कि कॉल सेंटर की मॉनिटरिंग के लिए सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा मोबाइल वैन की ट्रेकिंग के लिए भी सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है।
विज्ञापन
---
कॉल सेंटर से नहीं मिलता जवाब
विभाग के कॉल सेंटर में रोज आधार कार्ड से संबंधित दर्जनों शिकायतें आती हैं, लेकिन इन शिकायतों का समाधान हुआ या नहीं इसकी मॉनिटरिंग नहीं हो पाती थी। विभाग के अधिकारियों के अनुसार अब इससे कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली में भी सुधार आएगा और लोगों की समस्याओं का भी समाधान होगा।
विज्ञापन