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चूड़ियां और डोरी बांधकर मांगी मन्नत
Shimla
Updated Wed, 02 Apr 2014 05:30 AM IST
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शिमला। चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन मंगलवार को राजधानी के मंदिरों में श्रद्धालुओं की जमकर भीड़ उमड़ी। सुबह सात बजे से देर शाम तक मंदिरों में दर्शन के लिए भक्तों की कतारें लगी रहीं। भक्त हाथों में मां की भेंट और मुख से जयकारे लगाते हुए अपनी बारी का इंतजार करते रहे। किसी ने चूड़ियां तो किसी ने डोरी बांधकर मन्नत मांगी। भक्तों को किसी तरह की समस्या न झेलनी पड़े, इसके लिए खास बंदोबस्त भी किए गए। लोगों की आवाजाही के लिए रस्सियां लगाकर रास्ता बनाया गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा कर्मी भी तैनात रहे।
भक्तोें ने दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल के बाहर और दौलत सिंह पार्क के सामने प्रसाद बांटा। इस मौके पर प्रदेश आउटडोर फोटोग्राफर एसोसिएशन के अध्यक्ष हरी सिंह ने बताया कि पिछले पांच सालों से नवरात्र के अवसर पर एसोसिएशन पार्क के सामने एक दिन भंडारा आयोजित करता है। इससे लोगों में भाईचारे की भावना का विकास होता है।
महाकाली मंदिर तारादेवी में विशेेष पूजा का आयोजन कि या गया। मंदिर के पंडित सुधांशु शेखर ने बताया कि पूरे नौ दिन मंदिर में काली माता के विशेष पूजा होगी। यह मंदिर तारादेवी गोयल मोटर के समीप है। यहां आठ अप्रैल को हवन और भंडारा लगाया जाएगा। कालीबाड़ी मंदिर में मानव कल्याण के लिए सुबह से लेकर सूर्यास्त तक सर्व मंगल कामना के साथ जप और पाठ किए गए ।
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उधर, कामना देवी मंदिर बालूगंज में नवरात्र के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ी। मां कामना देवी आसपास के गांवों के लोगों की कुलदेवी हैं। मान्यता है कि इस धार्मिक स्थल में श्रद्धालु जो भी कामना करते हैं, वह जरूर पूरी होती है। श्रद्धालु मंदिर के द्वार पर कैथ के पेड़ के मूड में रूमाल, चूड़ियां, डोरी बांधकर मन्नत मांगते हैं। मंदिर के पुजारी विनोद लखनपाल ने बताया कि पहले इस मंदिर के पुजारी उनके पिता स्वर्गीय पंडित सत्य प्रकाश थे। इस समय उनकी पांचवीं पीढ़ी मंदिर का संचालन कर रही है।
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भक्तोें ने दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल के बाहर और दौलत सिंह पार्क के सामने प्रसाद बांटा। इस मौके पर प्रदेश आउटडोर फोटोग्राफर एसोसिएशन के अध्यक्ष हरी सिंह ने बताया कि पिछले पांच सालों से नवरात्र के अवसर पर एसोसिएशन पार्क के सामने एक दिन भंडारा आयोजित करता है। इससे लोगों में भाईचारे की भावना का विकास होता है।
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महाकाली मंदिर तारादेवी में विशेेष पूजा का आयोजन कि या गया। मंदिर के पंडित सुधांशु शेखर ने बताया कि पूरे नौ दिन मंदिर में काली माता के विशेष पूजा होगी। यह मंदिर तारादेवी गोयल मोटर के समीप है। यहां आठ अप्रैल को हवन और भंडारा लगाया जाएगा। कालीबाड़ी मंदिर में मानव कल्याण के लिए सुबह से लेकर सूर्यास्त तक सर्व मंगल कामना के साथ जप और पाठ किए गए ।
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उधर, कामना देवी मंदिर बालूगंज में नवरात्र के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ी। मां कामना देवी आसपास के गांवों के लोगों की कुलदेवी हैं। मान्यता है कि इस धार्मिक स्थल में श्रद्धालु जो भी कामना करते हैं, वह जरूर पूरी होती है। श्रद्धालु मंदिर के द्वार पर कैथ के पेड़ के मूड में रूमाल, चूड़ियां, डोरी बांधकर मन्नत मांगते हैं। मंदिर के पुजारी विनोद लखनपाल ने बताया कि पहले इस मंदिर के पुजारी उनके पिता स्वर्गीय पंडित सत्य प्रकाश थे। इस समय उनकी पांचवीं पीढ़ी मंदिर का संचालन कर रही है।