फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   दुआ कीजिए, आज सस्ता हो जाए गैस सिलेेंडर

दुआ कीजिए, आज सस्ता हो जाए गैस सिलेेंडर

Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
Shimla
Shimla Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
शिमला। रसोई गैस सिलेंडर की कीमत को लेकर उपजा विवाद शांत हो सकता है। उपभोक्ता गैस सिलेंडर की कीमत को लेकर पसोपेश में हैं। कभी तय कीमतों से अधिक रसोई गैस सिलेंडर दिया जा रहा है तो कभी गैस एजेंसियों में उपभोक्ता बिना सिलेंडर के ही बैरंग लौट रहे हैं। ढुलाई की कीमतों पर भी विवाद चल रहा है। इस खींचतान का खामियाजा आम उपभोक्ता को भुगतना पड़ रहा है। जिला प्रशासन बुधवार को इन सभी समस्याओं का स्थायी हल निकालने के लिए हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत गैस और इंडियन आयल कारपोरेशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने जा रहा है। इसके अतिरिक्त शहर भर के गैस एजेंसी संचालक भी बैठक में हिस्सा लेंगे। उपायुक्त सुभाशीष पांडा बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
विज्ञापन

-----------
गैस एजेंसी संचालकों पर आरोप
आम उपभोक्ताओं का आरोप है कि शहर में गैस एजेंसियां सिलेंडरों की ढुलाई किए बिना भी उपभोक्ताओं से 15 रुपये वसूल कर रही हैं। स्वयं गैस सिलेंडर लेने के लिए आने वाले लोगों से 412 रुपये की जगह 427 रुपये वसूले जा रहे हैं। केंद्र सरकार की अधिसूचना की आड़ में गैस एजेंसियां यह मनमानी कर रही हैं। जबकि केंद्र सरकार की अधिसूचना में साफ निर्देश हैं कि यह पंद्रह रुपये होम डिलीवरी पर ही वसूले जाएं। जिला प्रशासन भी गैस एजेंसियों की मनमानी के आगे नतमस्तक है। उपभोक्ताओं की शिकायतों के बावजूद प्रशासन कार्रवाई करने से गुरेज कर रहा है।
विज्ञापन

----------
412 में पहुंचता है सिलेंडर
शिमला शहर में घरेलू गैस का सिलेंडर 412 रुपये की कीमत में गैस एजेंसी तक पहुंचता है। 412 रुपये में गैस एजेंसियों की कमीशन भी जुड़ी होती है। कोई उपभोक्ता गैस एजेंसी में आकर रसोई गैस लेता है तो उसे घरेलू गैस सिलेंडर 412 रुपये में मिलना चाहिए। उधर, होम डिलीवरी के लिए केंद्र सरकार ने पहाड़ी राज्यों में अतिरिक्त मजदूरी पंद्रह रुपये तय की है। पांच अक्तूबर को केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस बाबत बाकायदा एक अधिसूचना जारी की है। मंत्रालय के अवर सचिव जेके सिंह ने अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया है कि अगर होम डिलीवरी नहीं की जानी है तो यह पंद्रह रुपये नहीं वसूले जाएं। लेकिन शहर में इन निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है। कई जगह सेल्फ की पर्चियां काट रही एजेंसियां इसका मुद्दा भी उठने की संभावना है। ढुलाई रेट की नई दरें निर्धारित हो सकती है। मजदूर भी मजदूरी बढ़ाने पर अड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed