{"_id":"132-31454","slug":"Shimla-31454-132","type":"story","status":"publish","title_hn":"सद्गुरु ही करा सकता है सद्कर्म : जसजीत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सद्गुरु ही करा सकता है सद्कर्म : जसजीत
Shimla
Updated Sat, 27 Oct 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिमला। आइस स्केटिंग ग्राउंड लक्कड़ बाजार में शुक्रवार को लखनऊ से पहुंचीं सच स्वरूप मां जसजीत ने प्रवचन किए। मां की अमृत वाणी का यह प्रवचन कार्यक्रम सुबह 10 से 2 बजे तक चला। यह कार्यक्रम मानव कल्याण आश्रम के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जो रविवार तक चलेगा।
शुक्रवार को मां जसजीत ने ‘सद्कर्म ही पूजा’ पर प्रवचन किए। उन्होंने कहा कि सच्ची पूजा ईश्वर से मन से जोड़ सकती है, तभी सद्कर्म भी किया जा सकता है। सद्गुरु ही वह नदी है जिससे ईश्वर को चाहने वाली बूंदें सागर (ईश्वर) में मिल जाती हैं। सद्गुरु ही सद्कर्म करा सकता है। मां जसजीत जी ने बताया कि हमें सुख तब मिलेगा, जब दूसरों को मुस्कराहट बांटें। आज का इंसान अपने दुख से ज्यादा दुखी नहीं होता लेकिन सामने वाले के सुख से दुखी जरूर हो जाता है।
विज्ञापन
शुक्रवार को मां जसजीत ने ‘सद्कर्म ही पूजा’ पर प्रवचन किए। उन्होंने कहा कि सच्ची पूजा ईश्वर से मन से जोड़ सकती है, तभी सद्कर्म भी किया जा सकता है। सद्गुरु ही वह नदी है जिससे ईश्वर को चाहने वाली बूंदें सागर (ईश्वर) में मिल जाती हैं। सद्गुरु ही सद्कर्म करा सकता है। मां जसजीत जी ने बताया कि हमें सुख तब मिलेगा, जब दूसरों को मुस्कराहट बांटें। आज का इंसान अपने दुख से ज्यादा दुखी नहीं होता लेकिन सामने वाले के सुख से दुखी जरूर हो जाता है।
विज्ञापन