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भारत की वे महिलाएं जिनके लक्ष्य के आगे उम्र कभी नहीं बनी बाधा

Sat, 17 Apr 2021 08:58 AM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: तेजस्वी मेहता Updated Sat, 17 Apr 2021 08:58 AM IST
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women who proved age is just a number in hindi
ये वे महिलाएं हैं जिन्होंने उम्र को महज एक संख्या समझा - फोटो : सोशल मीडिया

कई सारी महिलाएं ऐसी हैं, जो एक उम्र के बाद हार मानने लगती हैं। 35-40 के बाद वे अपने जीवन में उम्मीदों को खोने लगती हैं। ऐसी महिलाओं के लिए भारत में कई महिलाएं ऐसी हैं, जो कि उदाहरण के रूप में सामने आती हैं। ये वे महिलाएं हैं जिन्होंने उम्र को महज एक संख्या समझा और संपूर्ण विश्व को बता दिया कि किसी भी उम्र में कुछ भी यदि ठान लो तो असंभव नहीं है। आइए जानते हैं इन महिलाओं के बारे में। 

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प्रेमलता अग्रवाल 
प्रेमलता अग्रवाल माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली सबसे अधिक आयु की महिला हैं। इनकी दो बेटियां हैं। अपने दृढ़ संकल्प के कारण वर्ष 2011 में जब प्रेमलता अग्रवाल 48 वर्ष की थीं तब उन्होंने माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई की थी। वर्तमान में वे 58 वर्ष की हैं। उम्र उनके लक्ष्य के कभी आड़े नहीं आई। 2013 में उन्हें सरकार द्वारा पदम श्री से नवाजा गया। माउंट एवरेस्ट चढ़ने से पहले इन्होंने खूब कसरत की। 

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प्रीति पाटकर
57 वर्षीय प्रीति पाटकर कई लोगों की आदर्श हैं। इनके द्वारा प्रेरणा नामक संस्था शुरू की गई जो कि यौन-शोषण और तस्करी के शिकार बच्चों की सुरक्षा करती है। साथ ही वे मुंबई के लाल बत्ती इलाके में काम कर रही महिलाओं के बच्चों का तो ध्यान रखती ही हैं, उनकी शिक्षा के लिए भी काम करती हैं। प्रीति पाटकर को जानने वाले सभी लोग उन्हें ताई कहकर बुलाते हैं। 

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प्रतिमादेवी
62 वर्षीय प्रतिमादेवी दिल्ली में रहती हैं। उन्हें दिल्ली की डॉग लेडी भी कहा जाता है। प्रतिमादेवी मानवता की मिसाल हैं। वे कूड़ा बिनने का काम करके अपना पेट पालती हैं और बचे हुए रूपयों से और बाहरी सहायता वे 400 कुत्तों को पालती हैं। यह सभी कुत्ते इनके घर के आस-पास ही घूमते रहते हैं, साथ ही यह इन पर विश्वास भी करते हैं। 
























 

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