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पेड़ों को बचाने के लिए इन महिलाओं ने बनाई टीम, समूह में करती हैं जंगल की रखवाली

Fri, 18 Feb 2022 04:52 PM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अपराजिता शुक्ला Updated Fri, 18 Feb 2022 04:52 PM IST
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women in jharkhand protect forest make group and guard shiftwise
forest - फोटो : social media

जंगल बचाने के लिए झारखंड की महिलाएं टीम के तौर पर काम करती हैं। तेजी से हो रही जंगलों की कटाई के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए ये महिलाएं जंगलों की सुरक्षा करती हैं। लगभग सौ के करीब इन महिलाओं ने खुद से जंगल की रक्षा करने का दायित्व उठाया है। ये महिलाएं अपने आसपास के लगभग नौ एकड़ भूमि पर बसे जंगल को बचाने की मुहिम में छिड़ी हैं। जंगल को बचाने के साथ ही ये महिलाएं लोगों में जागरुकता लाने के लिए कैंपेन भी करती हैं। जिससे कि लोग आगे आकर पर्यावरण को बचाने की इस मुहिम में शामिल हों।

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झारखंड के पश्चिमी सिंहभूमि जिले की लगभग 104 महिलाएं इस काम में लगी हैं। इन्होंने अपने काम को जंगल बचाओ अभियान का नाम दिया है। ये सभी महिलाएं सेवन स्वयसहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। झारखंड के गांवों की ये महिलाएं इस प्रोग्राम से जुड़ी हैं। जिसे झारखंड स्टेट लिवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है। जंगल बचाओ अभियान का मुख्य काम जंगल और पर्यावरण को बचाना है। इसके लिए सभी महिलाओं का ग्रुप चार समूह में बंटा है। जो सुबह छह बजे से लेकर शाम के छह बजे तक काम करता है। जिसमे छह से नो बजे सुबह और शाम के चार बजे से छह बजे तक शामिल है। 

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women in jharkhand protect forest make group and guard shiftwise
forest - फोटो : Pixabay

हाथ में बांस लिए ये महिलाएं पेड़ों की गिनती करती हैं। अगर कोई पेड़ों को काटते या फिर कोई गैरकानूनी काम करते दिखता है तो वो उस पर जुर्माना लगाती हैं। महिलाओं की निगरानी की वजह से अब पेड़ों की कटौती में कमी आई है। वहीं जंगल का क्षेत्र भी बढा है। इस ग्रुप का नेतृत्व सरोज सुरीन करती हैं। जो बताती हैं उन्होंने देखा कि आसपास के जंगल कम होते जा रहे हैं। 25 महिलाओं के ग्रुप में ये अलग-अलग शिफ्ट में काम करती हैं। 

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