Chandrayaan-3: कितना पढ़ी लिखी हैं डॉ. रितु कारिधाल? कैसे मिली चंद्रयान 3 मिशन में डायरेक्टर की जिम्मेदारी
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Ritu Karidhal: आज यानी 23 अगस्त भारत के लिए गर्व का दिन है। भारत अंतरिक्ष में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने वाला है। चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के लिए पूरा देश उत्साहित है। चंद्रयान 3 का लैंडर आज शाम चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग कर सकता है। चंद्रमा अपने भीतर कई रहस्यों को छुपाए हुए है। इन्हीं रहस्यों को जानने के लिए दुनिया की बड़ी स्पेस एजेंसिया चंद्रयान, आर्टेमिस और लूना जैसे मिशन चांद पर भेज रही हैं। सभी की निगाहें वैज्ञानिक समुदाय पर टिकी हैं। चंद्रयान-3 से जुड़ी जानकारियां जानना जरूरी हैं। इसरो के चंद्रयान 3 मिशन को एक महिला वैज्ञानिक लीड कर रही हैं। स्पेस साइंटिस्ट डॉ. रितु कारिधाल 'रॉकेट वुमन' के नाम से मशहूर हैं। आइए जानते हैं कौन हैं डॉ. रितु कारिधाल, जो चंद्रयान-3 के मिशन को कर रही हैं लीड।
डॉ. रितु कारिधाल का जन्म 1975 में लखनऊ में हुआ था। बचपन से ही उन्हें चांद-सितारों और आसमान में दिलचस्पी थी। डॉ. रितु कारिधाल ने अपनी पढ़ाई नवयुग कन्या महाविद्यालय से की है। इसके अलावा डॉ. रितु कारिधाल ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से भौतिकी में एमएससी की डिग्री हासिल की है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें अंतरिक्ष में शुरुआत से ही रुचि थी। इसी क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने के लिए उन्होंने बेंगलुरु के भारतीय विज्ञान संस्थान में प्रवेश किया। इसके बाद साल 1997 में डॉ. रितु कारिधाल ISRO में नौकरी की करने लगीं।
डॉ. रितु कारिधाल को कई उपलब्धियां मिली हुई है। रितु को यंग साइंटिस्ट अवार्ड भी मिला हुआ है। साथ ही उन्होंने कई और मिशन में भी अहम भूमिका निभाई है। खास बात ये है कि डॉ. रितु को एरोस्पेस महिला उपलब्धि पुरस्कार से भी नवाजा गया है। जो सोसाइटी ऑफ इंडियन एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी एंड इंडस्ट्रीज द्वारा दिया गया। डॉ. रितु कारिधाल को 'रॉकेट वुमन' के नाम से भी जाना जाता है।
दरअसल, डॉ. रितु कारिधाल चंद्रयान-2 की मिशन डायरेक्टर थीं। 2020 में ही इसरों ने ये तय कर लिया था कि, चंद्रयान-3 का मिशन भी रितु के ही हाथों में होगा। इस मिशन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पी वीरामुथुवेल हैं।

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