फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Shakti ›   veena kumari helping needy women and girls in hisar Haryana

Tumse Hai Ujala: वर्षों से बेहसारा बच्चियों और महिलाओं की मदद कर रहीं वीणा कुमारी, जानें इनके बारे में

Sun, 20 Jul 2025 10:26 AM IST
श्रुति गौड़ लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्रुति गौड़ Updated Sun, 20 Jul 2025 10:26 AM IST
सार

Tumse Hai Ujala: स्कूल आते-जाते वीणा ऐसी महिलाओं को देखती थीं, जो सड़क किनारे रहतीं और इधर-उधर से खाने का जुगाड़ कर हमेशा एक ही कपड़े में दिखती थीं। वीणा बड़ी हुईं तो सीमित संसाधनों और निजी खर्चे पर ऐसी महिलाओं की मदद करने लगीं। वह कहती हैं- उनकी मुस्कान ही असली पुरस्कार है।

विज्ञापन
veena kumari helping needy women and girls in hisar Haryana
वर्षों से बेहसारा बच्चियों और महिलाओं की मदद कर रहीं वीणा कुमारी - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

Tumse Hai Ujala: आप या हम जैसे लोगों से जब कोई दूसरी भाषा बोलने वाला व्यक्ति बात करता है या मदद मांगता है तो हम अक्सर उसकी बात को अनसुना करके निकल जाते हैं कि हमें तो समझ ही नहीं आ रहा कि यह क्या बोल रहा है। लेकिन वीणा कुमारी उनकी बात सुनती हैं। उनके कहे हर एक शब्द को मोतियों की तरह बुनती हैं और अपनी डायरी में संजो लेती हैं। वह उन बेसहरा या जरूरतमंद लोगों को अपने साथ लेकर आती हैं, उनके रहने, खाने से लेकर हर जरूरत को पूरा करती हैं और उनसे बात कर उनके शब्दों को तब तक सर्च करती रहती हैं, जब तक वीणा को उनके बारे में सटीक जानकारी नहीं मिल जाती।

विज्ञापन


हरियाणा के हिसार की रहने वाली वीणा कुमारी बीते दो दशकों से लगातार उन महिलाओं और बच्चियों के लिए उम्मीद की किरण बनी हुई हैं, जो किसी कारणवश अपने परिवार से बिछड़ गई हैं या समाज द्वारा उपेक्षित कर दी गई हैं। वीणा बताती हैं कि बचपन से ही स्कूल आते-जाते समय वह ऐसी महिलाओं को देखा करती थीं, जो सड़क किनारे रहती थीं। वे इधर-उधर से खाने का जुगाड़ करतीं और हमेशा एक ही कपड़े में दिखती थीं। वीणा के मन में उनके लिए कुछ करने का विचार आता।
विज्ञापन


वह बताती हैं, “बचपन से ही मेरे भीतर समाज के जटिल मुद्दों को समझने और उन्हें हल करने की क्षमता रही है, लेकिन बच्चों की भावनाओं को हमेशा ही सहानूभूति समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। इसलिए जैसे ही मैं उनके लिए कुछ करने योग्य हुई, मैंने इस क्षेत्र में कार्य करना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


मेरे पास कोई बड़ी संस्था तो थी नहीं, न ही आर्थिक संसाधन थे और न ही प्रचार-प्रसार की कोई सुविधा थी। फिर भी मैंने ठान लिया कि मैं अपने स्तर पर समाज की उपेक्षित महिलाओं की मदद करूंगी। मैंने अपने सीमित संसाधनों और निजी खर्चे पर ऐसे लोगों की खोजबीन शुरू की, जो मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक रूप से टूट चुके थे।”

वीणा न सिर्फ उन्हें उनके परिवार से मिलवाती हैं, बल्कि उनका पुनर्वास भी सुनिश्चित करती हैं। उन्हें भोजन, वस्त्र, शिक्षा सामग्री और जरूरत पड़ने पर चिकित्सा भी उपलब्ध कराती हैं। शिक्षा से वंचित बच्चों के लिए किताबें, कपड़े और कॉपियां खरीदना उनके कार्य का हिस्सा बन चुका है। कई बार उन्होंने बेघर महिलाओं के लिए अस्थायी निवास और काम की व्यवस्था भी की है। इस नेक कार्य के दौरान उन्होंने हरियाणा ही नहीं, बल्कि गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और अन्य राज्यों में भी महिलाओं को उनके घर तक पहुंचाया।

वह खुद बसों, ट्रेनों या अन्य माध्यमों से पीड़ितों को उनके घर तक लेकर जाती हैं या पुलिस की मदद से उन्हें वापस पहुंचाती हैं। उनका काम सिर्फ भूले-बिछड़े लोगों को उनके परिजनों से मिलवाने तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने ऐसे मामलों में भी हस्तक्षेप किया, जहां महिलाएं घरेलू हिंसा, मानसिक तनाव या आर्थिक तंगी का शिकार थीं। वीणा ने पुलिस और प्रशासन से लगातार संपर्क बनाए रखा और इसी सहयोग के बल पर उन्होंने अब तक सैकड़ों महिलाओं और बच्चियों को उनके परिवार से मिलवाया है।


वीणा कुमारी की निस्वार्थ सेवा को कई बार सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें राष्ट्रीय महिला सशक्तीकरण पुरस्कार, काका कालेलकर सम्मान-2014 और सुपर अचीवर अवॉर्ड से नवाजा गया है। लेकिन वीणा कहती हैं कि उनके लिए असली पुरस्कार वो मुस्कान है, जो किसी बिछड़ी बेटी के चेहरे पर तब आती है, जब वह वर्षों बाद अपने परिवार से मिलती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed