बहादुर बहन को मिलेगा वीरता पुरस्कार, खुद की परवाह किए बगैर बचाई थी भाई की जान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जंगली जानवर गुलदार से भिड़ कर अपने भाई की जान बचाने वाली बहादुर बिटिया को अब वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। उत्तराखंड के पौड़ी जिले के ग्राम देव कुंडई निवासी 11 वर्षीय राखी रावत पुत्री दलवीर सिंह रावत को भारतीय बाल कल्याण परिषद नई दिल्ली की ओर से वर्ष 2019 के लिए राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से से पुरस्कृत किया जाएगा।
ये पुरस्कार राखी को 26 जनवरी की परेड में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों दिया जाएगा। 11 वर्षीय राखी अपने चार साल के भाई राघव और मां के साथ खेत गई थी। लौटते वक्त राखी भाई के साथ आगे-आगे चल रही थी और मां शालिनी देवी पीछे थीं। तभी जंगली जानवर गुलदार ने राखी के भाई पर हमला कर किया।
गुलदार से बचाने के लिए राखी अपने भाई से लिपट गई। गुलदार के पंजों और नाखूनों से लहूलुहान होने के बावजूद राखी ने भाई को नहीं छोड़ा। इतने में पीछे आ रही मां के चिल्लाने की आवाज सुनकर गुलदार भा गया। इसके बाद राखी का कई अस्पतालों में इलाज हुआ। अब वह पूरी तरह से स्वस्थ है।
इस खबर को अमर उजाला ने सात अक्तूबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। साथ ही अमर उजाला ने ही उत्तराखंड राज्य बाल कल्याम परिषद द्वारा किसी भी बच्चे का नाम राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए नहीं भेजने पर सवाल खड़ा किया था। तब परिषद ने राखी का नाम पुरस्कार के लिए परिषद को भेज दिया था।

कमेंट
कमेंट X