यमन जैसे गृहयुद्ध में फंसे देश में महिलाओं के लिए चलाती हैं खास कैफे
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अरब के देशों में से एक देश यमन जहां पिछले छह वर्षों से गृहयुद्थ चल रहा है। जिसका सीधा असर यहां की जनता और अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। रूढ़िवादी विचारों वाले ऐसे देश में एक महिला ने कैफे खोलने का साहस किया है। जो केवल महिलाओं और बच्चों के लिए है। उम फेरस नाम की इस महिला ने इस कदम को उठाया है। इस कैफे का नाम है मॉर्निंग आइकन, जो यमन के मारिब इलाके में चलता है। इस कैफे में काम करने के लिए भी केवल महिलाओं को रखा गया है।
मॉर्निंग आइकन कैफे में कॉफी के साथ ही इंपोर्टेड ड्रिंक्स सर्व की जाती है। साथ ही ग्राहकों को मुफ्त में इंटरनेट चलाने की सुविधा दी जाती है। उम फेरस ने इस कैफे को खोलने की हिम्मत पिछले साल अप्रैल में की थी। उनका मकसद ये बताना था कि महिलाएं भी किसी बिजनेस को अच्छे से चला सकती हैं। भविष्य में उनका इरादा इस कैफे की और चेन बच्चों और महिलाओं के लिए खोलने का है।
उम फेरस के दिमाग में ये आइडिया आया क्योंकि उनके इलाके में कहीं कोई ऐसी जगह नहीं थी। जहां पर महिलाएं कुछ देर बैठकर वक्त बिता सकें। ऐसे में कैफे खोलने का आइडिया उनके दिमाग में आया। संकीर्ण विचारधारा वाले समाज में भी वो अपने इस कैफे को सफलतापूर्वक एक साल से चला रही हैं। जो उनकी तरह ही दूसरी महिलाओं के लिए किसी प्रेरणा से कम नही है।

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