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इस महिला ने घरेलू हिंसा का सामना करने के बाद भी नहीं मानी हार, मेहनत के बल पर बनी फिटनेस कोच
Thu, 29 Jul 2021 05:02 PM IST
संकल्प सिंह
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संकल्प सिंह
Updated Thu, 29 Jul 2021 05:02 PM IST
सार
सुदीप्ता मोंडल जानी मानी फिटनेस और लाइफ कोच हैं। उन्हें ईको फ्रेंडली लाइफस्टाइल काफी पसंद है और उसी को फॉलो करती हैं। तीन या चार साल पहले ये श्यामक डावर डांस ग्रुप की टॉप डांसरों में से एक थीं। सुदीप्ता बताती हैं कि जब वे 16 साल की थी, उस दौरान उन्होंने अपना होम टाउन छोड़ दिया। वे झारखंड से दिल्ली कई बड़े सपनों को लेकर आई थी।
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सुदीप्ता मोंडल
- फोटो : instagram/sudipta03
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विस्तार
हमारे आस-पास ऐसी कई इंस्पायरिंग कहानियां होती हैं, जिनसे हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। हमारे आस-पड़ोस में ऐसे कई लगो मिल जाएंगे जो कठिन हालातों का सामना करने के बाद भी हार नहीं मानते। वे इन कठिन परिस्थितियों का डटकर सामना करते हैं। भविष्य में यही लोग आगे चलकर रियल लाइफ हीरोज बनते हैं। इसी कड़ी में आज हम बात करने वाले हैं सुदीप्ता मोंडल की। ये जानी मानी फिटनेस और लाइफ कोच हैं। उन्हें ईको फ्रेंडली लाइफस्टाइल काफी पसंद है और उसी को फॉलो करती हैं।
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तीन या चार साल पहले ये श्यामक डावर डांस ग्रुप की टॉप डांसरों में से एक थीं। सुदीप्ता बताती हैं कि जब वे 16 साल की थी, उस दौरान उन्होंने अपना होम टाउन छोड़ दिया। वे झारखंड से दिल्ली कई बड़े सपनों को लेकर आई थी। वे कहती हैं - "अपना होम टाउन छोड़ने के बाद मैं किसी के ऊपर कभी भी आर्थिक रूप से निर्भर नहीं रही।"
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आगे वे बताती हैं - "मैंने कभी भी अपने माता पिता से पॉकेट मनी नहीं मांगा। दिल्ली में आने के बाद मैं एक किराए के फ्लैट रहा करती थी। उसके बाद एक अखबार में काम करने लगी। अखबार में काम करने के बाद मैंने थियेटर में काम किया। उसके बाद मेरी शादी हुई और मैं मुंबई आ गई।"
शादी के बाद सुदीप्ता के जीवन में कई कठिनाइयां आने लगीं। सुदीप्ता के पति ने उनकी जिंदगी में कई पाबंदी लगा दी थी। उन्होंने सुदीप्ता की ट्रेनिंग क्लास को बंद करवा दिया। इन सब से तंग आकर सुदीप्ता ने अपने पति से तलाक लेने का फैसला लिया। पति और उसके घर वाले इस तलाक के खिलाफ थे। करीब 2 साल बाद सुदीप्ता ने अपने पति से तलाक ले लिया।
इसके बाद मुंबई में उनका जीवन काफी कठिन हो गया था। उन्होंने अपने सारे पैसों को जुंबा, पिलाटे और फंक्शनल ट्रेनिंग में सीखने के लिए खर्च कर दिया। इस दौरान सुदीप्ता के माता-पिता ने भी उनकी मदद की। हालांकि सुदीप्ता बिना किसी के मदद के जीना चाहती थीं।
पिछले तीन साल में सुदीप्ता ने फिटनेस के क्षेत्र में काफी कुछ हासिल किया है। फिटनेस को लेकर वे कई ऑनलाइन क्लास चलाती हैं। इसके अलावा वे अलग से भी लोगों का ट्रेनिंग सेशन लेती हैं। सुदीप्ता कई लोगों को जुंबा, पार्कर और फंक्शन फिटनेस सीखाती हैं। उनका मानना है कि महिलाओं के अंदर भरपूर शक्ति होती है। जरूरत बस इस बात की है कि वह अपनी इस शक्ति से खुद को आगे कैसे बढ़ाती हैं?

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