इस विदेशी महिला ने भारत में संस्कृत पढ़कर पाया गोल्ड मेडल
मारिया रूईस एक ऐसी महिला हैं जो कि वैसे तो स्पेन की निवासी है लेकिन उन्होंने ऐसा काम कर दिखाया है कि आज हर भारतीय उनके विषय में जानने की इच्छा रखता है। मारिया ने अभी कुछ दिन पहले ही ही उत्तरप्रदेश के सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से संस्कृत में पूर्वमीमांसा विषय में टॉप करने के साथ गोल्ड मेडल भी जीता है और अपनी इस उपलब्धि से वे बहुत प्रसन्न हैं। आइए जानते हैं मारिया रूईस और उनके इस गोल्ड मेडल के विषय में।
गोल्ड मेडल से सम्मानित होने वाली अकेली महिला थीं
संपूर्णानंद विश्वविद्यालय के 38वें दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल से सम्मानित होने वाली मारिया रूईस अकेली महिला हैं।राज्य की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा मारिया को प्रमाण पत्र के साथ गोल्ड मेडल भी प्रदान किया था। इस सम्मान को प्राप्त करने के बाद और संस्कृत के प्रति अपने प्रेम को बताते हुए उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि वे आगे चलकर इसी विषय में अपना भविष्य देखती हैं इसलिए वे इसी में पीएचडी करेंगी।
जानती हैं दूसरी भाषाएं भी
मारिया को शुरु से ही भाषाओं का ज्ञान लेने में रूचि रही है। मारिया स्पेनिश के साथ अन्य भाषाओं को भी बहुत अच्छे से बोल और लिख लेती हैं। वो संस्कृत के अलावा हिंदी, जर्मन, इटालियन और अंग्रेजी भाषाओं के बारे में अच्छी जानकारी रखती हैं।
2012 में आई थीं मारिया
विश्वविद्यालय में हर साल यहां हजारों विदेशी विद्यार्थी पढ़ने के लिए आते हैं और विश्वविद्यालय में संस्कृत के अलावा फ्रेन्च, जर्मन, नेपाली, तिब्बती रूसी, आदि भाषाओं का ज्ञान भी दिया जाता है। मारिया भी साल 2012 के आसपास संस्कृत विषय पढ़ने के लिए काशी से यहां आई थीं।

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