सुप्रीम कोर्ट के ‘स्पेशल 26’ में शामिल हुईं ये महिलाएं, कई लड़कियों के लिए रातोंरात बन गईं आदर्श
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गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन देने के लिए अहम फैसला सुनाया गया। इस फैसले में ऐसी 26 महिला अधिकारियों का भी जिक्र किया गया है, जिन्हें कई अवार्ड भी मिले हैं लेकिन स्थाई कमीशन नहीं मिल रहा है। ऐसी महिला अधिकारी जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र के मिशनों में काम किया उनको भी स्थायी कमीशन नहीं दिया गया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि दो महीने के भीतर इन महिलाओं को कमीशन मिले। जानिए देश के इन वीर सिपाहियों के बारे में।
लेफ्टिनेंट कर्नल अर्चना सूद
-7 इंजीनियर रेजिमेंट, मद्रास सैपर्स में तैनात होने वाली पहली महिला अधिकारी। 2004 में सीडीएसी पुणे में ए ग्रेडिंग। कोर पुलिस ऑफ मिलिट्री पुलिस में तैनात होने वाली पहली महिला अधिकारी।
लेफ्टिनेंट कर्नल गोपिका भाटी
-पहली महिला अधिकारी जिसे इमरजेंसी सेवाओं के लिए कमेंडेशन कार्ड मिला। बादल फटने के दौरान कई लोगों की जान बचाई।
लेफ्टिनेंट कर्नल अनुजा यादव
- इंजीनियरिंग रेजिमेंट की पहली महिला अधिकारी। सैन्य पर्यवेक्षक के रूप में संयुक्त राष्ट्र मिशन के लिए चयनित। कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग में प्रशिक्षक।
लेफ्टिनेंट निशा रानी
-आर्मी कमांडर कमेंडेशन कार्ड से सम्मानित।
लेफ्टिनेंट सरस हांडा
-पहली महिला अधिकारी इंफ्रेंटी डिवीजन में तैनाती। इजरायल यूएवी कोर्स और ऑपरेशन पराक्रम में शामिल होने वाली पहली महिला अधिकारी।
लेफ्टिनेंट कर्नल प्रेरणा
-पहली महिला अधिकारी जिसकी बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन के साथ तैनाती। सिल्वर मेडल रिवर राफ्टिंग में।

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