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Coronavirus से लड़ने को सुधा मूर्ति ने दिए 100 करोड़, जानिए उनके जीवन से जुड़े कुछ किस्से

Sat, 04 Apr 2020 09:19 AM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अपराजिता शुक्ला Updated Sat, 04 Apr 2020 09:19 AM IST
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sudha muthry doneted 100 crore for fight covid 19 pendemic know facts abiut her life
सुधा मूर्ति
कोरोना वायरस को हराने के लिए छोटे से लेकर बड़े तक, अमीर से लेकर गरीब तक हर कोई अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। इस संकट की घड़ी से निकलने के लिए प्रधानमंत्री के बनाए फंड में हर कोई दान दे रहा है। इसी प्रयास में एक नाम आया सुधा मूर्ति यानी इनफोसिस फाउंडेशन संस्था का। जो अक्सर ही इस तरह के कार्यों में मदद करती हैं। संस्था की ओर मदद के लिए दिए गए पैसों में से 50 करोड़ पहले ही पीएम केयर्स फंड में दिए जा चुके हैं। 
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वहीं बचे हुए 50 करोड़ को अस्पताल की सेवाओं को सुधारने में खर्च किया जाएगा। जिसमें से कुछ पैसों से देश के COVID19 के मरीजों के अस्पताल के खर्च में लगाए जाएंगे। 

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sudha muthry doneted 100 crore for fight covid 19 pendemic know facts abiut her life
इंफोसिस संस्था केवल रकम को दान ही नहीं कर रही है बल्कि वो इस बात का ध्यान भी रख रही है कि इसे कहां खर्च किया जा रहा है। जैसे फाउंडेशन की ओर से वेंटिलेटर, टेस्टिंग किट्स, फेसमास्क, प्रोटेक्टिव मास्क दिए जा रहे हैं। सुधा मूर्ति जो इस वेलफेयर संस्था की फाउंडेशन हैं इस बात का पूरा ध्यान रखती हैं कि इस महामारी से लड़ने में पूरी मदद की जा सके। 
सुधा मूर्ति देश की उन महिलाओं में शुमार हैं जो परफेक्ट मां से लेकर बिजनेस पार्टनर तक का हर दायित्व बखूबी निभा रही हैं। 

साधारण सी दिखने वाली सुधा मूर्ति असाधारण प्रतिभा और व्यक्तित्व की धनी हैं। वो अपना जीवन इतना साधारण तरीके से जीती हैं कि उन्हें देखकर कोई नहीं कह सकता कि वो इतने बड़े व्यवसायिक घराने की मालकिन हैं। सुधा जी ने अपने पति और बच्चों की खातिर अपना करियर भी छोड़ दिया था। उन्होने ये सब केवल अपने पति के बिजनेस में सहयोग देने के लिए ही किया था। बिजनेस के शुरूआती दौर में उन्होने नारायण कृष्णमूर्ति का साथ देने के लिए अच्छे खासे करियर की तिलांजलि दे दी।


 

सुधा मूर्ति प्रतिभा की धनी थीं। वो टाटा इंजीनियरिंग लोकोमोटिव कंपनी की पहली महिला इंजीनियर थीं। उन्होंने डेवलपमेंट इंजीनियर के पद पर पुणे में काम करना शुरू किया था। सुधा जी ने 1996 में इंफोसिस फाउंडेशन की शुरूआत की थी। तब से वो इस संस्था के साथ ही बिल गेट्स फाउंडेशन से भी जुड़ी हुईं हैं और हेल्थ केयर के क्षेत्र में समाज सेवा कर रही हैं।

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