Coronavirus से लड़ने को सुधा मूर्ति ने दिए 100 करोड़, जानिए उनके जीवन से जुड़े कुछ किस्से
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वहीं बचे हुए 50 करोड़ को अस्पताल की सेवाओं को सुधारने में खर्च किया जाएगा। जिसमें से कुछ पैसों से देश के COVID19 के मरीजों के अस्पताल के खर्च में लगाए जाएंगे।
सुधा मूर्ति देश की उन महिलाओं में शुमार हैं जो परफेक्ट मां से लेकर बिजनेस पार्टनर तक का हर दायित्व बखूबी निभा रही हैं।
साधारण सी दिखने वाली सुधा मूर्ति असाधारण प्रतिभा और व्यक्तित्व की धनी हैं। वो अपना जीवन इतना साधारण तरीके से जीती हैं कि उन्हें देखकर कोई नहीं कह सकता कि वो इतने बड़े व्यवसायिक घराने की मालकिन हैं। सुधा जी ने अपने पति और बच्चों की खातिर अपना करियर भी छोड़ दिया था। उन्होने ये सब केवल अपने पति के बिजनेस में सहयोग देने के लिए ही किया था। बिजनेस के शुरूआती दौर में उन्होने नारायण कृष्णमूर्ति का साथ देने के लिए अच्छे खासे करियर की तिलांजलि दे दी।
सुधा मूर्ति प्रतिभा की धनी थीं। वो टाटा इंजीनियरिंग लोकोमोटिव कंपनी की पहली महिला इंजीनियर थीं। उन्होंने डेवलपमेंट इंजीनियर के पद पर पुणे में काम करना शुरू किया था। सुधा जी ने 1996 में इंफोसिस फाउंडेशन की शुरूआत की थी। तब से वो इस संस्था के साथ ही बिल गेट्स फाउंडेशन से भी जुड़ी हुईं हैं और हेल्थ केयर के क्षेत्र में समाज सेवा कर रही हैं।

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