{"_id":"5e7df8fa8ebc3e6fbd5691fc","slug":"success-story-of-shruti-reddy-funeral-service-ceo","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"इंजीनियरिंग का करियर छोड़ बन गई मरने वालों की मसीहा, अंत्येष्टि क्रिया के लिए पहुंचाती हैं सामान","category":{"title":"Shakti","title_hn":"शक्ति","slug":"shakti"}}
इंजीनियरिंग का करियर छोड़ बन गई मरने वालों की मसीहा, अंत्येष्टि क्रिया के लिए पहुंचाती हैं सामान
Sat, 28 Mar 2020 10:00 AM IST
अपराजिता शुक्ला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अपराजिता शुक्ला
Updated Sat, 28 Mar 2020 10:00 AM IST
विज्ञापन
shruti reddy
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौत कभी समय देखकर नहीं आती। अपने दादाजी की मौत के समय घर की स्थितियों को देखकर अच्छा खासा करियर छोड़ा अंत्येष्टि से जुड़ा काम करने लगीं। ये कहानी नहीं श्रुति रेड्डी की सफलता की कहानी है जो फ्यूनरल सर्विस जैसी संस्था चलाती है। और मरने वाले के घर अंत्येष्टि से जुड़ी सारी चीजों को उपलब्ध कराती हैं। श्रुति ने ये बिजनेस सॉफ्टवेयर डेवलपर का अपना अच्छा खासा बिजनेस छोड़कर चुना।
विज्ञापन
श्रुति बताती हैं कि जब उन्होंने इस काम को शुरू करने का सोचा तो घरवालों ने बहुत मना किया। उनका कहना था कि अपना इंजीनियरिंग का अच्छा खासा करियर छोड़ वो ये क्या करने जा रही हैं। लेकिन श्रुति ने हार नहीं मानी और फ्यूनरल सर्विस नाम का स्टार्टअप शुरू किया। जो कि अंत्येष्टि से जुड़ी सारे सामान उपलब्ध कराता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
श्रुति इस करियर को शुरू करने के पहले नौ सालों तक सॉफ्टवेयर डेवलपर का काम कर चुकी थीं। लेकिन वो बताती हैं कि दादाजी की मौत के समय सबकुछ घर में अस्त व्यस्त था। अंतिम संस्कार का सामान जुटाने के लिए सबको बड़ी मुश्किल हुई। इसी वाकये से उन्हें ये स्टार्टअप शुरू करने का आइडिया आया। उनकी कंपनी एक फोन करने पर सारा सामान घर तक पहुंचाती है। शुरुआत में उन्होंने श्मशान घाट में जाकर सर्वे किया। इसके अलावा उन्होंने हर दिन होने वाली मौतों का आंकड़ा इक्ट्ठा किया। शुरूआत में उनके साथ चार लोग ही जुड़े थे।

कमेंट
कमेंट X