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पढ़ाई पूरी करने को नहीं थे पैसे, आज खुद की कंपनी में हैं सीईओ

Thu, 27 Aug 2020 09:24 AM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अपराजिता शुक्ला Updated Thu, 27 Aug 2020 09:24 AM IST
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success story of kajal rajvaidya founder of company
kajal - फोटो : social media

इंसान अपनी मेहनत और लगन से कुछ भी कर सकता है। हमारे आसपास ऐसी बहुत सारी मिसाल देने वाली लड़कियां मिल जाएंगी। जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से मुकाम पाया बल्कि समाज को भी बदले में कुछ दे रही हैं। ऐसा ही नाम है काजल राजवैद्य का. जिन्होंने अपने ऊपर विश्वास और धैर्य खोने नहीं दिया और आज खुद की कंपनी चला रही हैं। काजल की संघर्षभरी कहानी किसी को भी प्रेरणा दे सकती है। 

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काजल गरीब परिवार से ताल्लुक रखती हैं। जहां उनके पिता पान का ठेला लगाते थे। लेकिन उनकी इच्छा थी कि बच्चे पढ़ाई कर कुछ बनें। घर की जरूरतों को देखते हुए उन्होंने एक बैंक में रिकवरी एजेंट का काम करना शुरू कर दिया। काजल की चौथी की पढ़ाई पूरी होने के बाद से ही दिक्कतें आना शुरू हो गई थीं। पैसे ना होने के कारण आगे की पढ़ाई मुश्किल थी। ऐसे में घर से चार किलोमीटर दूर खुला मनुताई कन्या स्कूल सहारा बना। काजल इतनी दूर रोजाना पैदल जाती और आती थीं। बजपन में दूरदर्शन चैनल पर आने वाले रोबोट्स कार्यक्रम को देखकर उन्होने इसी में पढाई आगे करने का फैसला किया।

पॉलिटेक्निक की पढाई के लिए काजल ने इलेक्ट्रॉनिक्स सब्जेक्ट चुना। लेकिन घर की मुश्किलों की वजह से उनकी पढाई के लिए पिता को लोना लेना पड़ गया। जिससे की काजल की पढ़ाई बीच में ही ना रूके। पॉलीटेक्निक के बाद काजल ने नौकरी करने का फैसला किया क्योंकि घर के हालात ठीक नहीं थे। लेकिन कॉलेज खत्म होने के बाद उन्हें महज पांच हजार रुपये में नौकरी मिली। 

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सेलेक्शन करने वालों ने जब काजल से पूछा कि उन्हें इतनी कम सैलरी क्यों ऑफर हो रही है। तो काजल ने बताया कि उनके पास प्रैक्टिकल का एक्सपीरियंस नही है। लेकिन काजल ने इस नौकरी को ठुकरा कर प्रैक्टीकल ज्ञान बढाने की सोची। क्योंकि इतने पैसों से पिता का कर्ज ना पूरा होता।

 

बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर पैसे इकट्ठे किए और पढाई पूरी की। नोट्स इकट्ठा किए और पुणे जाकर बच्चों को प्रैक्टिकल ज्ञान की अहमियत बताई। लेकिन वहां सफलता ना मिलने पर काजल ने पांचवी के बच्चों को रोबोटिक्स का ज्ञान देना शुरू किया। धीरे-धीरे काजल ने साल 2015 में इनोवेशन एंड टेक्निकल सॉल्यूशन(KIITS) कंपनी शुरू की। 

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