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Inspiring Story: महाराष्ट्र की मंगला ताई ने 65 की उम्र में संभाली ऑटो की स्टेरिंग, जिंदगी में नहीं मानी हार

Thu, 10 Jul 2025 04:33 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवानी अवस्थी Updated Thu, 10 Jul 2025 04:33 PM IST
सार

65 Year Old Woman Auto Driver Mangla Aaji: मंगला ताई ने दिखा दिया कि आत्मसम्मान के साथ जीने के लिए उम्र, हालात या लिंग कभी बाधा नहीं बन सकते। उन्होंने ग्रामीण बुजुर्गों, महिलाओं और खासकर उन विधवाओं के लिए नई उम्मीद की रोशनी जलाई है जो समाज से डरकर घर बैठ जाती हैं। आइए जानते हैं मंगला आजी के जीवन संघर्ष के बारे में।

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Struggle Story Of 65 Year Old Woman Auto Driver Mangla Aaji Satara Ki mangala Tai Women Empowerment Stories
65 साल की महिला चलाती है आटो - फोटो : Adobe

विस्तार

65 Year Old Woman Auto Driver Mangla Aaji: हौंसले उम्र के मोहताज नहीं होते हैं। वहीं जरूरी नहीं कि उम्र ढलने के साथ आप जिम्मेदारी उठाने में असक्षम हो जाएं। इसका एक उदाहरण महाराष्ट्र के सतारा जिले में देखने को मिला, जहां एक 65 साल की बुजुर्ग महिला हर दिन ऑटो रिक्शा चलाकर अपने घर का खर्च चलाती हैं, साथ ही पूरे समाज के लिए प्रेरणा की मिसाल बन चुकी हैं। बुलंद हौसलों वाली इस बुजुर्ग महिला का नाम मंगला अवाले है।

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मंगला ताई ने दिखा दिया कि आत्मसम्मान के साथ जीने के लिए उम्र, हालात या लिंग कभी बाधा नहीं बन सकते। उन्होंने ग्रामीण बुजुर्गों, महिलाओं और खासकर उन विधवाओं के लिए नई उम्मीद की रोशनी जलाई है जो समाज से डरकर घर बैठ जाती हैं। आइए जानते हैं मंगला आजी के जीवन संघर्ष के बारे में।
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पति के गुजरने के बाद संभाली जिंदगी की स्टेयरिंग 

महाराष्ट्र के सातारा जिले में स्थित नंदगांव नाम के गांव में रहने वाली मंगला ताई का जीवन आसान नहीं रहा। पति के निधन के बाद उन्होंने चार बच्चों की परवरिश अकेले की। मजदूरी करके उन्हें पढ़ाया-लिखाया और अच्छी राह पर डाला। आज उनका बेटा राज्य परिवहन में ड्राइवर है और बेटियों की शादियां हो चुकी हैं।
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उम्र नहीं बनी दीवार, बनी ताकत

डायबिटीज जैसी बीमारी होने के बावजूद मंगला ताई ने अपने इलाज और आत्मनिर्भरता के लिए खुद ऑटो चलाना शुरू किया। उनके बेटे ने उन्हें सिखाया और मात्र 15 दिनों में वो सड़कों पर उतर आईं, वह भी बिना किसी डर के। 



सुबह 9 से शाम 6 तक करती हैं सफर 

मंगला ताई रोज सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक कराड से उंडाळे तक यात्रियों को ले जाती हैं। इस मेहनत से वो रोजाना 500 रुपये से 700 रुपये तक कमाती हैं। इतनी उम्र में भी उनका आत्मविश्वास देखकर हर कोई हैरान रह जाता है। वो सिर्फ ऑटो नहीं चला रहीं, बल्कि उन लाखों औरतों के लिए रास्ता बना रही हैं, जो हालात के सामने घुटने टेक देती हैं।  

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