नहीं रहीं घर-घर में आने वालीं ‘दादी सा’, ऐसा था जीवन
सुरेखा सीकरी अभिनय की दुनिया में महिला सशक्तिकरण का जीता जागता उदाहरण है। उन्होंने बॉलीवुड हो या टेलीविजन, यहां एक लंबी पारी खेली है। उन्होंने अपने अभिनय के दम पर अपनी एक पहचान बनाई है, जो कि दर्शकों की स्मृतियों से कभी नहीं मिटाई जा सकती है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सुरेखा सीकरी के इस दुनिया को अलिवदा कहने की खबर से एक्टिंग की दुनिया में शौक की लहर सी छा गई है। हर कोई जानता था कि वे एक बहुत उम्दा कलाकार हैं। तीन बार वे सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार पा चुकी हैं। नसीरुद्धीन शाह की भी वे रिश्तेदार रह चुकी हैं। ऐसी अभिनेत्री का चले जाना वाकई में अभिनय की दुनिया के लिए एक बड़ा नुकसान है। उनके मैनेजर द्वारा शुक्रवार सुबह उनकी मृत्यु की पुष्टि की गई। आईए जानते हैं सुरेखा सीकरी के जीवन के बारे में रोचक बातें।
एनएसडी से किया ग्रेजुएशन
सुरेखा सीकरी का जन्म आजादी के दो साल पहले 1945 में हुआ था। उन्होंने अपना बचपन पहाड़ियों में बिताया है। अल्मोड़ा और नैनीताल में पली-बढ़ी सुरेखा ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया था। उनके पति भारतीय वीयुसेना में थे, वहीं उनकी माता अध्यापिका थीं।
12 साल पहले चल बसे पति
सुरेखा सीकरी ने हेमंत रेगे से विवाह किया था जिनसे उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। उनके पति की मृत्यु हुए 12 साल हो चुके हैं और बेटा राहुल मुंबई में ही रहता है। सुरेखा ने टीवी सीरियल और फिल्मों में जबरदस्त काम किया है। वे लीक से हटकर काम करना पसंद करती थीं।
पिछले 40 सालों से कर रही थीं एक्टिंग
सुरेखा ने 1978 में अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। वे पहली बार किस्सा कुर्सी का में नजर आईं। उसके बाद उन्हें तमस, मम्मो, सरदारी बेगम, जुबैदा, बधाई हो, सरफरोश, बालिका वधू आदि में दर्शकों ने उन्हें खूब पसंद किया है।

कमेंट
कमेंट X