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Singapore President: कौन हैं हलीमा याकूब जिनकी जगह लेने जा रहे हैं थरमन शनमुगरत्नम, जानिए भारत से नाता

Sat, 02 Sep 2023 01:39 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवानी अवस्थी Updated Sat, 02 Sep 2023 01:39 PM IST
सार

पिता के निधन के बाद हलीमा के परिवार को सरकारी क्वार्टर से निकाल दिया गया। उनकी मां मलय समुदाय की थीं, वह हलीमा समेत अपने चार बच्चों को पालने के लिए ठेला लगाया करती थीं।

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Singapore First Female President Halimah Yacob Biography and India Connection With Tharman shanmugaratnam
Halimah Yacob - फोटो : Social Media

विस्तार

Female President Halimah Yacob : सिंगापुर के नवें राष्ट्रपति के रूप में थर्मन शनमुगरत्नम का चयन हो गया है। थर्मन शनमुगरत्नम भारतीय मूल के हैं, जिन्होंने चीनी मूल के दो विरोधियों को राष्ट्रपति चुनाव में करारी शिकस्त दी। अब वह वर्तमान राष्ट्रपति हलीमा याकूब का स्थान लेंगे। सिंगापुर की वर्तमान राष्ट्रपति हलीमा याकूब का छह साल का कार्यकाल 13 सितंबर को समाप्त हो रहा है। हलीमा याकूब सिंगापुर की पहली महिला राष्ट्रपति रही हैं। आइए जानते हैं सिंगापुर की पहली महिला राष्ट्रपति हलीमा याकूब के राजनीतिक करियर और उपलब्धियों के बारे में।

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कौन हैं हलीमा याकूब

हलीमा याकूब सिंगापुर की आठवीं और देश की पहली महिला राष्ट्रपति हैं। वर्ष 2017 में हलीमा का निर्विरोध राष्ट्रपति पद पर चुनाव हुआ था।

हलीमा याकूब का जीवन परिचय

हलीमा याकूब का ताल्लुक भी भारत से है। हलीमा के पिता भारतीय थे, जो सिंगापुर में बस गए थे। वह एक चौकीदार थे और सरकारी क्वार्टर में रहते थे। हालांकि जब हलीमा 8 वर्ष की हुईं तो उनके पिता का इंतकाल हो गया और परिवार की जिम्मेदारी हलीमा की मां पर आ गई।
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हलीमा का संघर्षपूर्ण जीवन


पिता के निधन के बाद हलीमा के परिवार को सरकारी क्वार्टर से निकाल दिया गया। उनकी मां मलय समुदाय की थीं, वह हलीमा समेत अपने चार बच्चों को पालने के लिए ठेला लगाया करती थीं। हलीमा अपनी मां की मदद के लिए सुबह पांच बजे उठकर बाजार से सामान खरीदने जातीं। फिर स्कूल जाती और क्लास की पिछली बेंच पर बैठा करती थीं।

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शिक्षा और करियर

उन्होंने सिंगापुर चीनी गर्ल्स स्कूल और तंजोंग कटोंग गर्ल्स स्कूल से शिक्षा प्राप्त की और सिंगापुर विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की। बाद में उनकी शादी मोहम्मद अब्दुल्ला अल हब्शी से हो गई। राजनीति में आने से पहले हलीमा नेशनल ट्रेड्स यूनियन कांग्रेस में एक कानूनी अधिकारी के रूप में कार्य करती थीं। उन्होंने सिंगापुर इंस्टीट्यूट आफ लेबर स्टडीज के निदेशक पद पर भी सेवा दी।


राजनीतिक करियर

2011 में हलीमा राजनीति में आईं, जब उन्हें संसद सदस्य के रूप में चुना गया। उन्हें कई मंत्रालय का पदभार भी मिलता रहा। पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था पीएपी की केंद्रीय कार्यकारी समिति में भी हलीमा का शामिल किया गया। साल 2015 में नवगठित मार्सिलिंग-यू टी जीआरसी में उनका चुनाव हुआ। 2017 में पात्रता प्रमाणपत्र जारी करने वाली एकमात्र उम्मीदवार होने के नाते, हलीमा सिंगापुर की आठवीं राष्ट्रपति नियुक्त किया गया।


हलीमा का भारत कनेक्शन

हलीमा के पिता भारतीय मुसलमान थे और मां मलय समुदाय की हैं। सिंगापुर में उन्हें अल्पसंख्यक नस्ल का माना जाता है। इस कारण वह राष्ट्रपति पद के लिए खड़ी नहीं हो सकती थीं, इसलिए हलीमा ने अपनी मां की पहचान को अपनाया।

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