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SI Pallavi Jadhav: किसान की बेटी बनी महाराष्ट्र पुलिस की शेरनी, जानें SI पल्लवी जाधव की प्रेरक कहानी
Mon, 25 Aug 2025 05:48 PM IST
शिवानी अवस्थी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवानी अवस्थी
Updated Mon, 25 Aug 2025 05:48 PM IST
सार
SI Pallavi Jadhav: सब इंस्पेक्टर पल्लवी जाधव ने हाल ही में परिवार से बिछड़े हुए लड़के की तलाश करके उसे उसके परिवार से मिलाया। आइए जानते हैं सब इंस्पेक्टर पल्लवी जाधव के बारे में।
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सब इंस्पेक्टर पल्लवी जाधव
- फोटो : instagram
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विस्तार
SI Pallavi Jadhav : किसान परिवार की बेटी, साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर महाराष्ट्र पुलिस में सब-इंस्पेक्टर बनीं पल्लवी जाधव आज महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल हैं। हाल ही में उन्होंने 8 साल से लापता युवक को उसके परिवार से मिलाकर यह साबित कर दिया कि जज़्बा, मेहनत और टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल किसी भी मुश्किल को आसान बना सकता है। सब इंस्पेक्टर पल्लवी जाधव ने हाल ही में परिवार से बिछड़े हुए लड़के की तलाश करके उसे उसके परिवार से मिलाया। आइए जानते हैं सब इंस्पेक्टर पल्लवी जाधव के बारे में।
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कौन हैं पल्लवी जाधव?
पल्लवी जाधव औरंगाबाद जिले के एक छोटे से गांव से आती हैं। उनके माता-पिता खेत मज़दूर थे और घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी। चीनी और तेल जैसी बुनियादी जरूरतें भी अक्सर पूरी नहीं हो पाती थीं। इसके बावजूद पल्लवी ने हार नहीं मानी।
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पल्लवी जाधव की शिक्षा?
उन्होंने मेहनत करते हुए पढ़ाई जारी रखी और मनोविज्ञान में MA की डिग्री हासिल की। इसके साथ ही उन्होंने MPSC परीक्षा की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में असफलता मिली, लेकिन वे रुकी नहीं। लगातार तीन साल तक संघर्ष करने के बाद आखिरकार वे महाराष्ट्र पुलिस में सब-इंस्पेक्टर बन गईं।
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पल्लवी ने बीड जिले में तैनाती के दौरान एक 8 साल पुराने केस को सुलझाया। दिसंबर 2017 में गन्ना मज़दूर परिवार का बेटा राजू माली लापता हो गया था। परिवार FIR दर्ज कराना तक नहीं जानता था और वर्षों तक सिर्फ उम्मीद लगाए बैठा रहा। जब 2023 में राजू की मां पुलिस के पास पहुँची, तो यह केस एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की पल्लवी जाधव को सौंपा गया। पल्लवी ने पुराने रिकार्ड खंगाले, फोन डिटेल्स और डिजिटल फुटप्रिंट्स का सहारा लिया। अनसुलझे सुरागों को जोड़कर उन्होंने मात्र एक महीने में युवक को खोज निकाला और उसे उसके परिवार से मिलवा दिया।
महिला सशक्तिकरण की मिसाल
आज पल्लवी दामिनी स्क्वॉड का हिस्सा हैं और महिलाओं व बच्चियों की सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रही हैं। उनकी सफलता यह बताती है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि या आर्थिक तंगी किसी महिला की उड़ान को रोक नहीं सकती।

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