दसवीं की पांच छात्राओं ने मिलकर तैयार किया सेल्फ सैनिटाइजिंग बेंच और नाम दिया सेफ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना महामारी की वजह से लगे लॉकडाउन ने बहुत सारे बच्चों को रचनात्मक कार्य करने के लिए प्रेरित किया और उन्होंने जमकर अपनी रचनात्मकता दिखाई। ऐसा ही कुछ काम किया स्कूल में पढ़ने वाली दसवीं की पांच छात्राओं ने, जिन्होंने अल्ट्रा वॉयलेट स्टेरलाइजिंग लाइट की तकनीक के साथ सेल्फ सैनिटाइजिंग बेंच बनाकर तैयार की। जिसे नाम दिया 'सेफ।' ये बेंच ना केवल कोविड-19 के खतरे को कम करती है बल्कि वायरल इंफेक्शन, कंजेटिवाइटिस, हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों के खतरे को भी कम करती है।
अब इस बेंच को स्कूल के वार्षिक टेक इवेंट कोलोक्वियम 2020 में प्रदर्शित करने की योजना है। ये बेंच कैप्सटोन प्रोजेक्ट के अंतर्गत बनाई गई है। अब इस बेंच को फरीदाबाद के दूसरी जगहों पर लगाने की योजना पर काम कर रही हैं। फरीदाबाद के स्कूल की छात्राएं निर्वाणी जैन, अर्शिया जेटली, सुहानी शर्मा, गुरनूर कौर और मानसी अग्रवाल ने जूम और गूगल मीट के जरिए कोऑर्डिनेट किया। लॉकडाउन के दौरान इन लोगों को आउटडोर जगहों पर सेफ्टी बढ़ाने के लिए इसे बनाने का आइडिया आया।
अर्शिया के अनुसार इस बेंच में क्यूआर कोड है जो सेनिटाइजेशन की आखिरी तारीख और समय भी बताता है। इस बेंच को बनाने का उद्देश्य यहीं था कि महामारी के बीच जो लोग बाहर रिलैक्स होने के लिए जाना चाहते हैं। उनकी सुरक्षा का उपाय किया जाए। इस बेंच को बनाने में करीब दस महीने का समय लगा।

कमेंट
कमेंट X